दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर की हत्या में पुलिस ने 170 संदिग्धों की पहचान की
प्रमोशन इंटरव्यू से पहले DU की असिस्टेंट प्रोफेसर का कत्ल, 170 संदिग्धों के कॉल रिकॉर्ड खंगाले; 3 की तलाश तेज

Image: Jagran
दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव में दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. देबोस्मिता पाल की हत्या की जांच में पुलिस ने 170 संदिग्धों के कॉल रिकॉर्ड खंगाले हैं। हत्या प्रमोशन इंटरव्यू से एक दिन पहले हुई थी। तीन संदिग्धों की तलाश जारी है, जबकि अन्य को हिरासत में लिया गया है।
- 01डॉ. देबोस्मिता पाल की हत्या 12:30 से 6 बजे के बीच हुई, जिसमें सिर पर भारी वस्तु से हमला किया गया।
- 02प्रोफेसर ने अपने चालक को दो साल से रखा था, जो हत्या के समय फ्लैट पर नहीं पहुंचे।
- 03पुलिस ने 170 संदिग्धों की पहचान की है, जिनमें से 13 की तलाश की जा रही है।
- 04प्रोफेसर ने एक प्लंबर को खिड़की की जाली लगाने के लिए बुक किया था, जो हत्या के दिन फ्लैट पर पहुंचे थे।
- 05पुलिस को संदेह है कि हत्या एक करीबी व्यक्ति द्वारा की गई है, क्योंकि लूट का कोई संकेत नहीं मिला।
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दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. देबोस्मिता पाल की हत्या का मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस ने वसुंधरा एन्क्लेव स्थित उनके फ्लैट में हुई हत्या की जांच के लिए 170 संदिग्धों के कॉल रिकॉर्ड खंगाले हैं। हत्या 12:30 से 6 बजे के बीच हुई, जिसमें प्रोफेसर पर सिर पर भारी वस्तु से हमला किया गया और धारदार हथियार से हाथ की नस काटी गई। डॉ. पाल का प्रमोशन इंटरव्यू एक दिन बाद था। पुलिस ने तीन संदिग्धों की पहचान की है, जिनकी तलाश उत्तर प्रदेश और सोनीपत में की जा रही है। इसके अलावा, पुलिस ने 13 संदिग्धों की पहचान की है, जिनमें से कुछ ने चेहरे को मास्क से ढका हुआ था। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रोफेसर ने एक प्लंबर को खिड़की की जाली लगाने के लिए बुक किया था, जो हत्या के दिन फ्लैट पर पहुंचे थे। पुलिस को संदेह है कि यह हत्या किसी करीबी व्यक्ति द्वारा की गई है, क्योंकि लूट का कोई संकेत नहीं मिला।
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इस हत्या से स्थानीय समुदाय में भय और चिंता का माहौल है, विशेषकर शैक्षणिक संस्थानों में।
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