सुप्रीम कोर्ट ने पांच महिलाओं के निर्वासन पर रोक लगाई, अगली सुनवाई 16 जुलाई को
पांच महिलाओं को राहत, देश से बाहर भेजने की कार्रवाई थमी; निर्वासन पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को असम में विदेशी घोषित की गई पांच महिलाओं के निर्वासन पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने उनकी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि यदि वे हिरासत में हैं, तो उन्हें 16 जुलाई तक निर्वासित नहीं किया जाएगा।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने पांच महिलाओं के निर्वासन पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।
- 02महिलाओं ने गुवाहाटी हाई कोर्ट के आदेशों को चुनौती दी थी।
- 03यदि याचिकाकर्ता हिरासत में हैं, तो उन्हें 16 जुलाई तक निर्वासित नहीं किया जाएगा।
- 04सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और असम सरकार से जवाब मांगा है।
- 05राज्य मानवाधिकार आयोगों में रिक्तियों को भरने संबंधी याचिका पर सुनवाई से इनकार किया गया।
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को असम में विदेशी घोषित की गई पांच महिलाओं के निर्वासन पर रोक लगाने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और वी मोहन की पीठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता हिरासत में हैं, तो उन्हें 16 जुलाई तक निर्वासित नहीं किया जाएगा। ये महिलाएं गुवाहाटी हाई कोर्ट के आदेशों को चुनौती दे रही थीं, जिसमें उन्हें बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के आरोप में विदेशी घोषित किया गया था। कोर्ट ने केंद्र और असम सरकार से इन याचिकाओं पर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई की तारीख 16 जुलाई तय की है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य मानवाधिकार आयोगों में रिक्त पदों को भरने के लिए याचिका पर सुनवाई से इनकार किया, यह कहते हुए कि याचिकाकर्ता को पहले संबंधित हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए था।
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इस निर्णय से असम में रह रहे विदेशी घोषित व्यक्तियों के अधिकारों पर प्रभाव पड़ेगा।
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