ईरान युद्ध के बाद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार घटा, पीएम मोदी की अपील से बदला माहौल
India Forex Challenge: पीएम की अपील के बाद बदला माहौल, ईरान युद्ध के बाद से भारत ने खर्च किए इतने डॉलर, चुनौती के पीछे की कहानी
Image: Nbt Navbharattimes
ईरान युद्ध के चलते भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 38 अरब डॉलर घटकर 691 अरब डॉलर हो गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करने की अपील की है, जिससे नेताओं के काफिले छोटे हुए हैं। भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 11% कमजोर हुआ है, जिससे RBI को हस्तक्षेप करना पड़ा है।
- 01भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 28 फरवरी से 38 अरब डॉलर घटा है, जो अब 691 अरब डॉलर पर है।
- 02आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 8 मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 6.295 अरब डॉलर बढ़ा।
- 03रुपये का अवमूल्यन 5% हुआ है, जबकि एक साल में यह 11% गिरा है।
- 04कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी पूंजी के बाहर जाने के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा है।
- 05आरबीआई ने रुपये को स्थिर रखने के लिए लगभग 38 अरब डॉलर खर्च किए हैं।
Advertisement
In-Article Ad
ईरान युद्ध के चलते भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 38 अरब डॉलर घटकर 691 अरब डॉलर पर आ गया है। यह कमी होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पूंजी प्रवाह में कमी के चलते हुई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से अपील की है कि वे ईंधन बचाएं और सोने-चांदी की खरीद को टालें। इस अपील का असर देखने को मिला है, जहां कई बीजेपी नेता साइकिल और ट्रेन से यात्रा करते नजर आए हैं। भारतीय रुपये का अवमूल्यन भी जारी है, जो 5% गिरकर 96.14 के स्तर पर पहुंच गया है। एक साल में रुपये की कीमत में 11% की कमी आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये को गिरने से रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करते हुए लगभग 38 अरब डॉलर खर्च किए हैं। हालांकि, आरबीआई के पास अभी भी 690 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो कि देश की आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
Advertisement
In-Article Ad
इस स्थिति का असर आम लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि रुपये के कमजोर होने से आयात महंगा होगा, जिससे वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भारत को विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए कदम उठाने चाहिए?
Connecting to poll...
More about भारतीय रिजर्व बैंक
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।







