दिल्ली हाई कोर्ट ने AAP का पंजीकरण रद करने की याचिका खारिज की
AAP का पंजीकरण रद करने की मांग वाली PIL खारिज, केजरीवाल की अयोग्यता पर बोला हाई कोर्ट- निराधार हैं दलील

Image: Jagran
दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) का पंजीकरण रद करने और उसके नेताओं को चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है और आरोप निराधार हैं।
- 01दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इसमें कोई दम नहीं है।
- 02याचिका में आरोप था कि AAP नेताओं ने संविधान के प्रति निष्ठा का उल्लंघन किया।
- 03कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग के पास राजनीतिक दल की मान्यता रद करने की शक्ति नहीं है।
- 04अदालत ने कहा कि अयोग्यता का सवाल तभी उठेगा जब चुनाव घोषित होंगे।
- 0527 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने AAP के नेताओं को आरोपमुक्त कर दिया था।
Advertisement
In-Article Ad
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) का पंजीकरण रद करने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है और याचिकाकर्ता की दलीलें भ्रामक हैं। याचिका में आरोप लगाया गया था कि AAP के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं ने संविधान के प्रति निष्ठा का उल्लंघन किया है। हालांकि, अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं है जो यह साबित करे कि AAP ने संविधान या लोकतंत्र में विश्वास नहीं किया। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग के पास किसी राजनीतिक दल की मान्यता रद करने का अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि अयोग्यता का सवाल तब उठेगा जब कोई चुनाव घोषित होगा और संबंधित नेता उसमें उम्मीदवार बनने का निर्णय लेंगे। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल और अन्य नेताओं को आरोपमुक्त कर दिया था, जिसके खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
Advertisement
In-Article Ad
यह निर्णय AAP के नेताओं के राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करता है और उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही पर भी प्रभाव डालता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि AAP को फिर से पंजीकरण रद करने की मांग की जाएगी?
Connecting to poll...
More about आम आदमी पार्टी
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।

-1779307927085.webp&w=1200&q=75)





