भारत में हाइड्रोजन क्रांति: IFC का अरबों डॉलर का निवेश
भारत में हाइड्रोजन क्रांति की आहट! IFC ने खोला अरबों डॉलर के निवेश का रास्ता

Image: Business Standard
अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) ने भारत में हरित हाइड्रोजन, रसायन और भारी परिवहन में निवेश के लिए 5.4 अरब डॉलर का निवेश किया है। IFC का मानना है कि भारत में हरित हाइड्रोजन का बाजार तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा।
- 01IFC ने पिछले वित्त वर्ष में भारत में 5.4 अरब डॉलर का निवेश किया, जिसमें हरित हाइड्रोजन, रसायन और भारी परिवहन शामिल हैं।
- 02भारत सरकार के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत स्पष्ट प्रोत्साहन और दीर्घकालिक योजना मौजूद है।
- 03हरित हाइड्रोजन उत्पादन की लागत में कमी आने से इसका उपयोग बढ़ेगा, जो औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगा।
- 04भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की लागत दुनिया में सबसे कम है, जिससे हरित हाइड्रोजन का उत्पादन अधिक प्रतिस्पर्धी हो रहा है।
- 05IFC का मानना है कि भारत का हरित हाइड्रोजन बाजार वैश्विक मांग के अनुरूप विकसित हो रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) ने भारत में हरित हाइड्रोजन, रसायन और भारी परिवहन के क्षेत्रों में 5.4 अरब डॉलर का निवेश किया है। IFC के क्षेत्रीय निदेशक इमाद एन फखूरी ने बताया कि भारत का हरित हाइड्रोजन क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहां नीतिगत महत्त्वाकांक्षाओं और निजी क्षेत्र के उभरने के साथ बाजार विस्तार के लिए तैयार है। IFC का लक्ष्य हरित हाइड्रोजन तंत्र को समर्थन देना है, जिससे औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए इसे अपनाना आसान हो सके। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की लागत कम होने और इलेक्ट्रोलाइजर की लागत में गिरावट के चलते हरित हाइड्रोजन का उत्पादन अधिक प्रतिस्पर्धी हो रहा है। फखूरी ने कहा कि भारत में हरित हाइड्रोजन का बाजार धीरे-धीरे विकसित हो रहा है और ऊर्जा सुरक्षा में सुधार करने के लिए स्थानीयकरण की आवश्यकता है। IFC का मानना है कि सही नीतियों के माध्यम से भारत स्वच्छ हाइड्रोजन के सबसे प्रतिस्पर्द्धी बाजारों में से एक बन सकता है।
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भारत में हरित हाइड्रोजन के विकास से ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
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