कच्चे तेल की कीमतों में 4% की बढ़ोतरी, मध्य पूर्व में तनाव का असर
कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग! एक झटके में करीब 4% उछले दाम; मध्य पूर्व में फिर तनाव बढ़ने का असर

Image: Jagran
इजराइल द्वारा लेबनान पर हमले के बाद, कच्चे तेल की कीमतों में $3.36 या 3.72% की वृद्धि हुई, जिससे कीमत $92.90 प्रति बैरल हो गई। तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल सप्लाई बाधित होने की चिंता बढ़ गई है।
- 018 जून को कच्चे तेल की कीमत $3.36 बढ़कर $92.90 प्रति बैरल हो गई।
- 02ब्रेंट क्रूड की कीमत $3.5 या 3.76% बढ़कर $96.59 प्रति बैरल हुई।
- 03इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर के बावजूद संघर्ष जारी है।
- 04OPEC+ ने चार महीनों में चौथी बार तेल उत्पादन बढ़ाने की मंजूरी दी।
- 05विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
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इजराइल ने लेबनान पर नए हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में अचानक वृद्धि हुई है। 8 जून को कच्चे तेल की कीमत $3.36 या 3.72% बढ़कर $92.90 प्रति बैरल हो गई, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत $3.5 या 3.76% बढ़कर $96.59 प्रति बैरल पर पहुंच गई। यह वृद्धि तनाव के कारण हुई है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई बाधित होने की चिंताएं बढ़ गई हैं। इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर लागू होने के बावजूद संघर्ष जारी है। ईरान ने इजराइल पर मिसाइलें दागी हैं, और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते में यह स्थिति एक बाधा बन गई है। OPEC+ ने उत्पादन बढ़ाने की मंजूरी दी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बाजार की चिंताएं कम नहीं होंगी। कच्चे तेल की कीमतें अपनी ट्रेडिंग रेंज के ऊपरी स्तर की ओर बढ़ सकती हैं।
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कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से घरेलू ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे आम लोगों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।
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