भारत की सर्वश्रेष्ठ देसी गाय नस्लें: कम चारे में भी उच्च दूध उत्पादन
Best Desi Cow Breeds: कम चारे और भीषण गर्मी में भी बाल्टी भरकर दूध देंगी ये देसी गायें, जानें थारपारकर-साहीवाल की खासियत
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थारपारकर, साहीवाल, लाल सिंधी, गिर, राठी और कांकरेज जैसी देसी गायें कम चारे और गर्म जलवायु में भी उच्च दूध उत्पादन के लिए जानी जाती हैं। ये नस्लें 10 से 20 लीटर दूध प्रतिदिन देने में सक्षम हैं।
- 01थारपारकर गाय 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी स्वस्थ रहती है और प्रतिदिन 12 से 18 लीटर दूध देती है।
- 02साहीवाल गाय प्रतिदिन 15 से 20 लीटर दूध देती है और इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता उच्च है।
- 03लाल सिंधी गाय 12 से 18 लीटर दूध देती है और गर्मी सहन करने की क्षमता रखती है।
- 04गिर गाय 15 से 20 लीटर दूध देती है और गर्म जलवायु में अनुकूलित हो जाती है।
- 05कांकरेज गाय 10 से 15 लीटर दूध देती है और इसकी लंबी उम्र इसे लाभदायक बनाती है।
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भारत में कई देसी गाय की नस्लें हैं जो कम चारे और गर्म जलवायु में भी उच्च दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। थारपारकर गाय को रेगिस्तानी क्षेत्रों की सबसे उपयोगी नस्ल माना जाता है, जो 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी स्वस्थ रहती है और प्रतिदिन 12 से 18 लीटर दूध देती है। साहीवाल गाय की उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता और मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता इसे डेयरी किसानों के बीच लोकप्रिय बनाती है, यह 15 से 20 लीटर दूध देने में सक्षम है। लाल सिंधी गाय और गिर गाय भी गर्मी सहन करने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं और क्रमशः 12 से 18 और 15 से 20 लीटर दूध देती हैं। राठी गाय और कांकरेज गाय भी गर्म जलवायु में अच्छी तरह से प्रदर्शन करती हैं, दोनों 10 से 15 लीटर दूध देने में सक्षम हैं। ये नस्लें पशुपालकों के लिए अत्यधिक लाभदायक विकल्प हैं।
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इन गायों की नस्लें पशुपालकों को गर्म जलवायु में दूध उत्पादन में सहायता करती हैं, जिससे डेयरी उद्योग को लाभ होता है।
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