कॉर्पोरेट नौकरी खोने के बाद उबर बाइक चलाने को मजबूर मार्केटिंग मैनेजर
नौकरी छूटी, EMI के लिए उबर बाइक चलाने को मजबूर मार्केटिंग मैनेजर
Aaj Tak
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एक मार्केटिंग मैनेजर, जिसने चार साल तक एक कंपनी में काम किया, नौकरी जाने के बाद गुड़गांव की सड़कों पर उबर बाइक चलाने को मजबूर हो गया। उसे घर का किराया और ईएमआई भरने के लिए संघर्ष करना पड़ा, जबकि उसकी शादी और एक नवजात बेटी भी थी।
- 01मार्केटिंग मैनेजर ने चार साल तक एक कंपनी में काम किया।
- 02नौकरी जाने के बाद उबर बाइक चलाने को मजबूर हुआ।
- 03घर का किराया और ईएमआई भरने में कठिनाई का सामना किया।
- 04नौकरी पाने की कोशिशों में कोई सफलता नहीं मिली।
- 05फ्रीलांसिंग के जरिए कुछ आर्थिक मदद मिली।
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गुरुग्राम में एक मार्केटिंग मैनेजर ने चार साल तक एक कंपनी में काम किया, लेकिन जब कंपनी के समीकरण बदले, तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। नौकरी खोने के बाद, उसे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उबर बाइक चलाने का फैसला करना पड़ा। उसने बताया कि कैसे उसकी शादी हाल ही में हुई थी और उनके घर में एक नन्ही बच्ची का जन्म हुआ था। नौकरी जाने के बाद, उसने नई नौकरी पाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन एचआर विभाग ने उसके आवेदनों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। धीरे-धीरे उसकी जमा-पूंजी खत्म होने लगी, जिसके बाद उसने उबर बाइक चलाने का निर्णय लिया। अब वह अपने गृहनगर के पास शिफ्ट हो गया है और फ्रीलांसिंग के काम से मदद ले रहा है।
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इस कहानी से यह स्पष्ट होता है कि नौकरी खोने के बाद व्यक्ति को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है, विशेषकर जब परिवार में छोटे बच्चे हों।
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