सोना-चांदी की कीमतों में वृद्धि से मुजफ्फरपुर में व्यापार ठप
सोना-चांदी के बढ़े भाव, मुजफ्फरपुर में बाजार में पसरा सन्नाटा; टेंशन में कारोबारी
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मुजफ्फरपुर, बिहार में सोना और चांदी पर बढ़ती कस्टम ड्यूटी और आयात शुल्क के कारण सराफा बाजार में सन्नाटा छा गया है। कारोबारियों का कहना है कि बिक्री में भारी गिरावट आई है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सोना खरीदना मुश्किल हो गया है।
- 01सोने-चांदी पर बढ़ी कस्टम ड्यूटी और आयात शुल्क ने बाजार में मायूसी फैला दी है।
- 02बिक्री में 90% की गिरावट आई है, जिससे दुकानदारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
- 03ब्रांडेड और स्थानीय सोने के दामों में बड़ा अंतर है, फिर भी खरीदारी में कमी है।
- 04दुकानदारों का कहना है कि यदि शुल्क बढ़ते रहे तो बाजार और संकट में फंस सकता है।
- 05मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए शादी-विवाह में सोना खरीदना चुनौती बन गया है।
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मुजफ्फरपुर, बिहार में सोना और चांदी पर कस्टम ड्यूटी और आयात शुल्क में वृद्धि के कारण सराफा बाजार में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। अखिल भारतीय सराफा संघ के महामंत्री मंजीत कुमार के अनुसार, पहले जिले में हर महीने एक से दो क्विंटल तक सोने-चांदी के आभूषण की बिक्री होती थी, लेकिन अब यह मात्र 10 प्रतिशत रह गई है। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक बढ़ती कीमतों के कारण बाजार में नहीं आ रहे हैं, जिससे दुकानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। ब्रांडेड 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,53,090 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गई है, जबकि स्थानीय बाजार में यह 1,48,800 रुपये में बिक रहा है। इसके बावजूद खरीदारी में कोई उत्साह नहीं है। व्यापारियों का मानना है कि यदि शुल्क और टैक्स बढ़ते रहे तो आने वाले दिनों में सराफा बाजार और संकट में फंस सकता है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में सोना खरीदना कठिन हो जाएगा।
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बढ़ती कीमतों और शुल्क के कारण मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सोना खरीदना मुश्किल हो गया है, जिससे शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं।
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