नेपाल में बालेन शाह के बयान से राजनीतिक हलचल, रवि लामिछाने का भारत दौरा
बालेन शाह के भारत पर बयान से पार्टी में बगावत, दिल्ली में रवि लामिछाने पर पुष्प वर्षा, नेपाली PM पर दबाव बनाने की कोशिश?
Image: Nbt Navbharattimes
नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के भीतर प्रधानमंत्री बालेन शाह के विवादास्पद बयान पर मतभेद उभरे हैं। दिल्ली में रवि लामिछाने का भव्य स्वागत भारत-नेपाल संबंधों में नई कूटनीति का संकेत है, जबकि बालेन शाह के बयान के खिलाफ पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
- 01प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि नेपाल ने भी भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया है, जिससे संसद में हंगामा हुआ।
- 02रवि लामिछाने का दिल्ली में बीजेपी कार्यालय में भव्य स्वागत भारत की नई कूटनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
- 03आरएसपी के नेताओं का एक धड़ा बालेन शाह से माफी मांगने की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा धड़ा उनका समर्थन कर रहा है।
- 04रवि लामिछाने ने भारत-नेपाल संबंध सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिससे बालेन शाह के लिए राजनीतिक संदेश मिल सकता है।
- 05लामिछाने ने सीमा विवादों को ऐतिहासिक सबूतों के आधार पर सुलझाने की वकालत की है।
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नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के भीतर प्रधानमंत्री बालेन शाह के हालिया विवादास्पद बयान के बाद मतभेद उभरे हैं। बालेन शाह ने कहा था कि नेपाल ने भी भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया है, जिससे संसद में हंगामा मच गया और विपक्ष ने माफी की मांग की। इस बीच, RSP के अध्यक्ष रवि लामिछाने का दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय में भव्य स्वागत हुआ, जिसे भारत-नेपाल संबंधों में नई कूटनीति के रूप में देखा जा रहा है। लामिछाने का स्वागत यह संकेत देता है कि भारत बालेन शाह के रुख से अलग नेपाल की अन्य लोकतांत्रिक ताकतों के साथ संबंध मजबूत करना चाहता है। पार्टी के भीतर बालेन शाह के बयान को लेकर असंतोष बढ़ रहा है, और कई नेता उनकी माफी की मांग कर रहे हैं। लामिछाने ने भारत के साथ संबंध सुधारने की दिशा में कदम उठाया है, जिससे बालेन शाह को एक नया राजनीतिक संदेश मिल सकता है।
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नेपाल की राजनीति में बालेन शाह के बयान के कारण असंतोष बढ़ रहा है, जिससे राजनीतिक स्थिरता पर असर पड़ सकता है।
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