बंगाल में TMC के 58 विधायकों ने बदला खेमा, ममता बनर्जी की सियासत पर संकट
बंगाल में TMC में बड़ी बगावत! 58 विधायकों ने बदला खेमा, ममता की सियासत पर मंडराया संकट

Image: Business Standard
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 58 बागी विधायकों ने रिताब्रता बनर्जी को विधायक दल का नया नेता चुना है। यह कदम विधानसभा में विपक्ष की शक्ति संतुलन को बदल सकता है। ममता बनर्जी के धरने में शामिल नहीं होने वाले कई प्रमुख नेता भी इस बगावत से दूर रहे हैं।
- 0158 बागी विधायकों ने रिताब्रता बनर्जी को विधायक दल का नेता चुना।
- 02बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को समर्थन पत्र सौंपा।
- 03दलबदल रोधी कानून के तहत अलग गुट को मान्यता के लिए दो-तिहाई समर्थन जरूरी है।
- 04TMC के 80 विधायकों में से 54 का समर्थन हासिल कर बागी खेमे का दावा मजबूत हो सकता है।
- 05पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत की है।
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 58 बागी विधायकों ने बुधवार को रिताब्रता बनर्जी को विधायक दल का नया नेता चुना, जिससे ममता बनर्जी की सियासत पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस को इस निर्णय की जानकारी दी और नए नेतृत्व टीम का प्रस्ताव रखा, जिसमें उप नेता और मुख्य सचेतक भी शामिल हैं। इस घटनाक्रम से विधानसभा में विपक्ष की शक्ति संरचना में बड़ा बदलाव संभव है। दलबदल रोधी कानून के अनुसार, किसी अलग गुट को मान्यता के लिए कम से कम दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। TMC के 80 विधायकों में से बागी खेमे को 54 का समर्थन मिलने पर उनका दावा मजबूत हो सकता है। इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत की, जिसके तहत 28.25 लाख लाभार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता मिलेगी। यह योजना भाजपा के चुनावी वादों में से एक थी।
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बागी विधायकों की इस बगावत से TMC की सत्ता संरचना में बदलाव संभव है, जो राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
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