महंगे टिकटों के कारण भारत में हवाई यात्रा में गिरावट
महंगे टिकट का झटका! हवाई सफर में गिरावट, मार्च में यात्रियों की संख्या घटी
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मार्च 2026 में भारत में हवाई यात्रा में गिरावट आई, जिसमें घरेलू यात्रियों की संख्या 1.44 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले 1 प्रतिशत कम है। महंगे टिकट और ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने यात्रा को प्रभावित किया है। एयरलाइंस कंपनियों में IndiGo का मार्केट शेयर बढ़कर 63.3 प्रतिशत हो गया है।
- 01मार्च में घरेलू यात्रियों की संख्या 1.44 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले 1 प्रतिशत कम है।
- 02IndiGo का मार्केट शेयर बढ़कर 63.3 प्रतिशत हो गया है।
- 03SpiceJet की फ्लाइट कैंसिलेशन दर 1.92 प्रतिशत रही, जो सबसे अधिक है।
- 04ईंधन की कीमत स्थिर रहने से एयरलाइंस को थोड़ी राहत मिली है।
- 05अगर लागत बढ़ती रही, तो एयरलाइंस को कुछ फ्लाइट्स बंद करनी पड़ सकती हैं।
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मार्च 2026 में भारत में हवाई यात्रा की गति धीमी हो गई, जिसमें घरेलू यात्रियों की संख्या 1.44 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1 प्रतिशत कम है। इस गिरावट का मुख्य कारण महंगे टिकट और वैश्विक अनिश्चितता है। अप्रैल के आंकड़े भी इसी कमजोरी को दर्शाते हैं, जिसमें यात्रियों की संख्या में 2 प्रतिशत की गिरावट आई है। एयरलाइंस कंपनियों में, IndiGo का मार्केट शेयर बढ़कर 63.3 प्रतिशत हो गया है, जबकि Air India का हिस्सा घटकर 26.2 प्रतिशत रह गया है। SpiceJet की स्थिति खराब रही, जिसमें फ्लाइट कैंसिलेशन की दर 1.92 प्रतिशत रही। हालांकि, ईंधन की कीमत स्थिर रहने से एयरलाइंस को कुछ राहत मिली है। लेकिन, MK ब्रोकरेज की रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन की लागत में वृद्धि के कारण एयरलाइंस पर दबाव बना हुआ है। यदि लागत इसी तरह बढ़ती रही, तो कुछ फ्लाइट्स को बंद करना पड़ सकता है।
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महंगे टिकटों के कारण हवाई यात्रा में गिरावट से यात्रियों को अधिक खर्च करना पड़ सकता है और एयरलाइंस को अपनी सेवाओं में कटौती करनी पड़ सकती है।
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