नौकरी बदलने पर फॉर्म 122 भरना अनिवार्य, जानें इसके महत्व
जॉब बदलने वाले सावधान! अब फॉर्म 12B की जगह भरना होगा फॉर्म 122, वरना लग सकता है टैक्स का झटका
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नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए अब फॉर्म 12B की जगह फॉर्म 122 भरना अनिवार्य हो गया है। यह फॉर्म आपकी पुरानी और नई आय का सही हिसाब रखने में मदद करता है, जिससे टैक्स में गड़बड़ी से बचा जा सके। सही जानकारी न देने पर भारी टैक्स का सामना करना पड़ सकता है।
- 01फॉर्म 122 अब नौकरी बदलने पर भरना अनिवार्य है।
- 02यह फॉर्म आपकी पुरानी और नई आय का सही हिसाब रखने में मदद करता है।
- 03फॉर्म 122 न भरने पर टैक्स में गड़बड़ी हो सकती है।
- 04टैक्स स्लैब के अनुसार सही जानकारी देना आवश्यक है।
- 05भूलने पर फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की स्लिप से स्थिति को संभाला जा सकता है।
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नौकरी बदलना एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके साथ टैक्स संबंधी जिम्मेदारियां भी आती हैं। नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत, कर्मचारियों को अब फॉर्म 12B की जगह फॉर्म 122 भरना होगा। यह फॉर्म एक 'कंसोलिडेटेड डिक्लेरेशन' है, जो नई कंपनी को आपकी पुरानी आय और कटे हुए टैक्स की जानकारी देता है। यदि यह जानकारी साझा नहीं की गई, तो नई कंपनी आपकी आय को जीरो मानकर टैक्स की गणना कर सकती है, जिससे आपको भारी टैक्स का सामना करना पड़ सकता है। टैक्स एक्सपर्ट CA चांदनी आनंदन के अनुसार, फॉर्म 122 न भरने पर आपको रिफंड की बजाय अधिक टैक्स चुकाना पड़ सकता है। इसके अलावा, यदि कुल बकाया टैक्स 10,000 रुपये से अधिक है, तो एडवांस टैक्स न चुकाने की पेनल्टी भी लग सकती है। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे फॉर्म 16 और पुरानी कंपनी से 'फुल एंड फाइनल' सेटलमेंट की स्लिप लेकर अपनी आय का सही हिसाब रखें।
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फॉर्म 122 भरना न केवल टैक्स की सही गणना में मदद करता है, बल्कि कर्मचारियों को अनावश्यक टैक्स बकाया और पेनल्टी से भी बचाता है।
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