तृणमूल कांग्रेस में बगावत: बागी नेताओं ने सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश की
TMC में बगावत का नया मोर्चा, अब सांसदों का समर्थन जुटा रहे बागी नेता, छिनेगी अभिषेक बनर्जी की कुर्सी?
Image: Nbt Navbharattimes
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक संघर्ष बढ़ता जा रहा है। 58 बागी विधायकों ने रिताब्रता बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष चुना है, जिससे ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। बागी नेता अब सांसदों का समर्थन जुटा रहे हैं।
- 0158 बागी विधायकों ने रिताब्रता बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष चुना है।
- 02बागी नेताओं का लक्ष्य अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव को चुनौती देना है।
- 03TMC के 29 सांसद हैं, जिनमें से कई बागी नेताओं का समर्थन कर सकते हैं।
- 04तृणमूल नेतृत्व ने सभी समितियों को भंग कर दिया है।
- 05यह आंतरिक संघर्ष अब राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
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पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक कलह ने गंभीर मोड़ ले लिया है। 28 साल के इतिहास में पहली बार, पार्टी के 58 बागी विधायकों ने निष्कासित नेता रिताब्रता बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष चुना है, जिससे ममता बनर्जी की पार्टी एक गंभीर संकट में है। बागी नेता अब सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे लोकसभा में भी सत्ता संघर्ष की संभावना बढ़ गई है। यदि बागी नेताओं को सांसदों का समर्थन मिलता है, तो अभिषेक बनर्जी की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। इस बीच, TMC नेतृत्व ने सभी समितियों को भंग कर दिया है, जो कि पार्टी में राजनीतिक नियंत्रण वापस पाने की एक कोशिश मानी जा रही है। यह संघर्ष न केवल पार्टी के भीतर बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी प्रभाव डाल सकता है।
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TMC में चल रही बगावत से पार्टी की राजनीतिक स्थिति और नेतृत्व पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
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