तृणमूल कांग्रेस में बगावत: ममता बनर्जी की पार्टी अस्तित्व संकट में
ममता बनर्जी के सामने अस्तित्व का संकट: टूटने की कगार पर TMC, पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न बचाने की जद्दोजहद
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Image: Jagran
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत के चलते ममता बनर्जी को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। विधानसभा में 58 विधायकों ने बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन किया है, जिससे पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न बचाने की जद्दोजहद शुरू हो गई है।
- 01विधानसभा स्पीकर ने बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी है।
- 02ममता बनर्जी की पार्टी TMC के 80 में से 58 विधायक बागी गुट का समर्थन कर रहे हैं।
- 03फिरहाद हाकिम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दिया है।
- 04TMC ने अपनी सभी समितियों को भंग कर दिया है और आत्ममंथन की आवश्यकता बताई है।
- 05पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न बचाने के लिए ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाई है।
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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत ने ममता बनर्जी के लिए अस्तित्व संकट पैदा कर दिया है। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस ने बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी है, जिससे पार्टी की स्थिति और भी कमजोर हुई है। 80 में से 58 विधायकों ने ममता के खिलाफ बगावत की है। फिरहाद हाकिम ने मेयर पद से इस्तीफा दिया, जो पार्टी के प्रमुख अल्पसंख्यक चेहरे माने जाते हैं। TMC ने अपनी सभी समितियों को भंग कर दिया है, जबकि ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग में असली TMC के रूप में मान्यता के लिए आवेदन करने की योजना बनाई है। ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाई है, जिसमें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालाँकि, यह देखना बाकी है कि क्या यह समर्थन पार्टी को बचाने के लिए पर्याप्त होगा।
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TMC के भीतर बगावत से पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है, जिससे आगामी चुनावों में प्रभाव पड़ सकता है।
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