डॉक्टर से IAS: प्रियंका शुक्ला की प्रेरणादायक सफलता की कहानी
UPSC Success Story: डॉक्टर बनने के बाद IAS बनने की जिद, तानों से मिली प्रेरणा; ये महिला ऐसे बनीं कलेक्टर
Zee News
Image: Zee News
प्रियंका शुक्ला, एक डॉक्टर, ने एक महिला के ताने को प्रेरणा मानकर यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त की और IAS अधिकारी बनीं। उन्होंने 2009 में 73वीं रैंक हासिल की और छत्तीसगढ़ कैडर में पहली पोस्टिंग जशपुर में हुई।
- 01प्रियंका शुक्ला ने डॉक्टर बनने के बाद IAS बनने का निर्णय लिया।
- 02एक महिला के ताने ने प्रियंका को IAS बनने की प्रेरणा दी।
- 03उन्होंने पहली बार यूपीएससी में असफलता का सामना किया, लेकिन फिर से प्रयास किया।
- 042009 में प्रियंका ने यूपीएससी में 73वीं रैंक हासिल की।
- 05कोरोना महामारी के दौरान उनके काम के लिए उन्हें राष्ट्रपति मेडल से सम्मानित किया गया।
Advertisement
In-Article Ad
प्रियंका शुक्ला की कहानी एक प्रेरणादायक यात्रा है, जो डॉक्टर बनने के बाद IAS अधिकारी बनने की ओर बढ़ी। प्रियंका, जो उत्तर प्रदेश की निवासी हैं, ने हमेशा से डॉक्टर बनने का सपना देखा और 2006 में MBBS की डिग्री हासिल की। एक दिन, जब उन्होंने एक महिला को गंदे पानी का इस्तेमाल करते देखा, तो उस महिला ने ताना मारा कि क्या वे कहीं की कलेक्टर हैं। इस ताने ने प्रियंका को प्रेरित किया और उन्होंने IAS बनने का निर्णय लिया। उन्होंने डॉक्टरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी की। पहले प्रयास में असफलता के बावजूद, प्रियंका ने 2009 में 73वीं रैंक प्राप्त की और IAS बन गईं। उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला और जशपुर में पहली पोस्टिंग हुई। उनके कार्यों के लिए उन्हें कोरोना महामारी के दौरान राष्ट्रपति मेडल से भी सम्मानित किया गया।
Advertisement
In-Article Ad
प्रियंका शुक्ला की IAS बनने की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि तानों से प्रेरणा लेना सही है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


