भारत की जीडीपी ग्रोथ अनुमान में गिरावट: चार प्रमुख रेटिंग एजेंसियों की चेतावनी
भारत की अर्थव्यवस्था पर खतरे की घंटी! सिर्फ 1 नहीं, 4 बड़ी कंपनियों ने घटाया GDP ग्रोथ अनुमान, क्या है वजह?

Image: News 18 Hindi
भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में गिरावट आई है, जिसमें Moody’s, Crisil, ICRA और India Ratings शामिल हैं। युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक आर्थिक दबावों के चलते, 2027 तक भारत की ग्रोथ 6.7% रहने का अनुमान है। इससे राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- 01Moody’s ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.8% से घटाकर 6% कर दिया है।
- 02Crisil ने अपने अनुमान को 7.1% से घटाकर 6.6% किया है।
- 03ICRA का अनुमान 6.5% से घटकर 6.2% हो गया है।
- 04India Ratings ने 6.9% से घटाकर 6.7% का अनुमान लगाया है।
- 05महंगाई दर 2026-27 में 4.4% रहने का अनुमान है, जो RBI के 4.6% अनुमान से कम है।
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भारत की अर्थव्यवस्था पर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर पड़ रहा है, जिसके कारण चार प्रमुख रेटिंग एजेंसियों ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में कमी की है। Moody’s ने अपने अनुमान को 6.8% से घटाकर 6% कर दिया है, जबकि Crisil ने इसे 7.1% से घटाकर 6.6% किया है। इसी तरह, ICRA का अनुमान 6.5% से घटकर 6.2% और India Ratings का 6.9% से घटकर 6.7% हो गया है। इन एजेंसियों का मानना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, पश्चिम एशिया में तनाव, और संभावित एल नीनो जैसे कारक भारत की आर्थिक वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि FY27 में राजकोषीय घाटे को GDP के 4.3% तक सीमित रखना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, अगर कच्चे तेल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आती हैं और विदेशी निवेश बढ़ता है, तो भारत की आर्थिक विकास दर में सुधार हो सकता है।
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भारत की जीडीपी ग्रोथ में गिरावट से आर्थिक विकास धीमा हो सकता है, जिससे रोजगार और निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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