पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी पर रोकथाम के लिए नई निगरानी प्रणाली
अब 300 लीटर से ज्यादा डीजल-पेट्रोल खरीद पर पंप संचालकों को रखनी होगी पुख्ता रिकॉर्डिंग, कालाबाजारों पर 'नजर'

Image: Jagran
पेट्रोलियम कंपनियों ने 300 लीटर से अधिक पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर निगरानी रखने का निर्णय लिया है। यह कदम ईंधन संकट और कालाबाजारी को रोकने के लिए उठाया गया है। पेट्रोल पंप संचालकों को सीसीटीवी और दस्तावेजों के माध्यम से बिक्री की पुख्ता रिकॉर्डिंग करनी होगी।
- 01पेट्रोलियम कंपनियों ने 300 लीटर से अधिक की बिक्री पर निगरानी का निर्देश दिया है।
- 02एक ट्रक में लगभग 400 लीटर डीजल होता है, जिससे बड़ी मात्रा में बिक्री की पहचान हो सकेगी।
- 03पेट्रोल पंप संचालकों को सीसीटीवी और अन्य दस्तावेजों के माध्यम से बिक्री की रिकॉर्डिंग करनी होगी।
- 04पेट्रोल-डीजल की राशनिंग की व्यवस्था भी पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा की गई है।
- 05पिछले वर्ष के आधार पर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जा रही है, खासकर डीजल के मामले में।
Advertisement
In-Article Ad
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न ईंधन संकट के बीच, पेट्रोलियम कंपनियों ने कालाबाजारी पर नज़र रखने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कंपनियों ने 300 लीटर से अधिक पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर निगरानी रखने का निर्णय लिया है। इस संदर्भ में, पेट्रोल पंप संचालकों को सीसीटीवी कैमरे और अन्य दस्तावेजों के माध्यम से बिक्री की पुख्ता रिकॉर्डिंग करनी होगी। एक ट्रक में लगभग 400 लीटर डीजल होता है, जिससे बड़ी मात्रा में बिक्री की पहचान करना आसान होगा। इसके अलावा, पेट्रोल-डीजल की राशनिंग की व्यवस्था भी की गई है, और आपूर्ति पिछले वर्ष के आधार पर की जा रही है। यह कदम कालाबाजारी को रोकने के लिए उठाया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईंधन की बिक्री सही तरीके से हो रही है।
Advertisement
In-Article Ad
यह निर्णय कालाबाजारी को रोकने में मदद करेगा और ईंधन की सही बिक्री सुनिश्चित करेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि ईंधन की कालाबाजारी पर रोकथाम के लिए ये कदम प्रभावी होंगे?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




-1779286916144.webp&w=1200&q=75)