लखनऊ में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, मंत्री आवास का घेराव
लखनऊ में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, छाती के बल रेंगते हुए पहुंचे मंत्री के घर
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की पैरवी की मांग की, जहां उनकी याचिका पर 19 मई को सुनवाई होगी। अभ्यर्थियों ने आरक्षण में भेदभाव का आरोप लगाया है।
- 01प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया और नारेबाजी की।
- 02अभ्यर्थियों का आरोप है कि ओबीसी और एससी वर्ग को उचित आरक्षण नहीं मिला है।
- 03सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाई है।
- 04सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ द्वारा की जाएगी।
- 05यह प्रदर्शन अभ्यर्थियों द्वारा पहले भी किया जा चुका है।
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने आज शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गर्मी में सड़क पर रेंगते हुए मंत्री के आवास का घेराव किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 19 मई को होनी है, लेकिन उन्हें सही तरीके से पैरवी नहीं मिल रही है। उनका आरोप है कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को उचित आरक्षण नहीं दिया गया है, जैसे कि ओबीसी वर्ग को 27% की जगह केवल 3.68% और एससी वर्ग को 21% की जगह 16.2% आरक्षण मिला है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाई है, जिसमें पूरी मेरिट लिस्ट को रद्द कर नई सूची बनाने का आदेश दिया गया था। यह पहला मौका नहीं है जब अभ्यर्थियों ने इस तरह का प्रदर्शन किया है; वे लंबे समय से सरकार से सही पैरवी की मांग कर रहे हैं।
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यह प्रदर्शन उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो शिक्षक भर्ती में उचित आरक्षण की मांग कर रहे हैं।
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