बिहार में संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदला, कांग्रेस ने उठाई आवाज
Bihar Politics: संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदला, कांग्रेस को लगी मिर्ची, राजनीति शुरू
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बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने पटना चिड़ियाघर और संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी का नाम बदलकर पटना जू और बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी कर दिया है। कांग्रेस ने इस निर्णय पर नाराजगी जताते हुए भाजपा सरकार पर नाम बदलने की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
- 01बिहार सरकार ने संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना जू रखा।
- 02संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी का नाम भी बदला गया।
- 03कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
- 04सरकार का तर्क है कि नाम बदलने से संस्थानों की पहचान बेहतर होगी।
- 05पटना जू में 110 प्रजातियों के लगभग 800 जीव-जंतु हैं।
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बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने हाल ही में पटना चिड़ियाघर और संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी का नाम बदलने का निर्णय लिया है। अब इन संस्थानों को क्रमशः पटना जू और बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी के नाम से जाना जाएगा। इस निर्णय के बाद कांग्रेस पार्टी ने नाराजगी व्यक्त की है, और कहा है कि भाजपा सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने संजय गांधी जैविक उद्यान के रूप में पहला चिड़ियाघर दिया था। सरकार का तर्क है कि आम बोलचाल में लोग पहले से ही इसे पटना जू के नाम से जानते थे, इसलिए नाम बदलने का यह कदम उठाया गया। पटना जू की नींव 1969 में रखी गई थी और यह 1973 में आम जनता के लिए खोला गया था, जिसमें वर्तमान में 110 प्रजातियों के लगभग 800 जीव-जंतु हैं। वहीं, संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी की स्थापना 1980 में हुई थी, जो राज्य में डेयरी शिक्षा का प्रमुख केंद्र है।
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इस नाम परिवर्तन से स्थानीय लोगों की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर पर प्रभाव पड़ेगा।
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