क्या ममता बनर्जी की भूमिका से सपा और कांग्रेस के रिश्ते प्रभावित होंगे?
क्या ममता बनर्जी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के अलगाव का कारण बनेंगी?
Ndtv
Image: Ndtv
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच गहरे संबंध हैं, जबकि कांग्रेस ने टीएमसी पर आलोचना की है। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे बीजेपी को चुनौती देने की उनकी क्षमता प्रभावित हो सकती है।
- 01ममता बनर्जी की टीएमसी और सपा के बीच गहरा संबंध है।
- 02कांग्रेस ने ममता पर बीजेपी की ताकत बढ़ाने का आरोप लगाया है।
- 03उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है।
- 04कांग्रेस के प्रदेश नेता अकेले चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं।
- 05बीजेपी ने कांग्रेस को देश की राजनीति में अप्रासंगिक बताया है।
Advertisement
In-Article Ad
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच गहरे संबंध हैं, जो दोनों दलों को एक-दूसरे का समर्थन करने के लिए प्रेरित करते हैं। हालांकि, कांग्रेस ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उनकी नीतियों के कारण बीजेपी की ताकत बढ़ रही है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर ममता ने बेहतर शासन दिया होता, तो बीजेपी बंगाल में मजबूत नहीं होती। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ममता का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस के नेता सीटों के बंटवारे को लेकर असंतोष जता रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस छोड़ने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा में शामिल होकर इस खींचतान को और बढ़ा दिया है। बीजेपी प्रवक्ता अश्विनी शाही ने कांग्रेस को अप्रासंगिक बताया है, और कहा है कि सपा और टीएमसी का संबंध यूपी चुनाव में गठबंधन को कमजोर कर सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
यदि सपा और कांग्रेस के बीच खींचतान जारी रहती है, तो यह बीजेपी को चुनौती देने की उनकी क्षमता को कमजोर कर सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या सपा और कांग्रेस का गठबंधन उत्तर प्रदेश में सफल होगा?
Connecting to poll...
More about तृणमूल कांग्रेस
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।







