राजेश एक्सपोर्ट्स का SEBI विवाद: 400 GB फाइलें गायब होने का दावा
क्या सच में गायब हो गईं 400 GB की फाइलें? SEBI की कार्रवाई पर गोल्ड रिफाइनर Rajesh Exports का बड़ा दावा

Image: India Tv
राजेश एक्सपोर्ट्स ने SEBI द्वारा वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने 300-400 GB दस्तावेज पहले ही सौंपे थे। कंपनी का दावा है कि SEBI ने EBITDA को रेवेन्यू मानकर गलत निष्कर्ष निकाला।
- 01राजेश एक्सपोर्ट्स ने SEBI पर 300-400 GB दस्तावेज़ों के सही तरीके से जांच न करने का आरोप लगाया।
- 02कंपनी का कहना है कि SEBI ने EBITDA को रेवेन्यू मानकर गलत निष्कर्ष निकाला।
- 03राजेश मेहता ने कहा कि कंपनी के वित्तीय आंकड़े स्पष्ट हैं और फोरेंसिक ऑडिट के लिए तैयार हैं।
- 04कंपनी अगले 15 दिनों में सभी जरूरी दस्तावेज फिर से SEBI को सौंपेगी।
- 05SEBI की कार्रवाई के बाद कंपनी के शेयरों में गिरावट आई, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ।
Advertisement
In-Article Ad
राजेश एक्सपोर्ट्स, जो भारत की प्रमुख ज्वेलरी और गोल्ड रिफाइनिंग कंपनियों में से एक है, ने बाजार नियामक सेबी (SEBI) द्वारा वित्तीय आंकड़ों में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है। कंपनी के चेयरमैन राजेश मेहता ने दावा किया कि उन्होंने SEBI को 300 से 400 GB के दस्तावेज पहले ही सौंप दिए थे, लेकिन संभवतः वे फाइलें तक नहीं पहुंच पाई। मेहता का कहना है कि SEBI ने कंपनी के EBITDA को रेवेन्यू मान लिया, जिससे गलत निष्कर्ष निकाला गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोल्ड कारोबार में मुनाफा कम होता है और रेवेन्यू और प्रॉफिट के बीच अंतर समझना आवश्यक है। कंपनी ने कहा है कि वे अगले 15 दिनों में सभी आवश्यक दस्तावेज फिर से SEBI को सौंपेगी। इस विवाद के चलते कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट आई है, लेकिन मेहता ने निवेशकों को आश्वासन दिया कि यह स्थिति अस्थायी है और कंपनी की किताबें पूरी तरह साफ हैं।
Advertisement
In-Article Ad
SEBI की कार्रवाई के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में गिरावट आई, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आप राजेश एक्सपोर्ट्स के विवाद को कैसे देखते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



-1780886691026.webp&w=1200&q=75)

