जर्मनी की कंपनी B+H Solutions GmbH भारत में नैनो-फर्टिलाइजर में करेगी 11 करोड़ रुपये का निवेश
तांबे-चांदी से बनेगी खाद, जर्मनी की ये कंपनी भारत ला रही है खास नैनो-फर्टिलाइजर; 11 करोड़ रुपये निवेश

Image: Jagran
जर्मनी की बीप्लसएच सॉल्यूशंस जीएमबीएच ने भारत में 2026 में 10 लाख यूरो (लगभग 11.09 करोड़ रुपये) का निवेश करने की योजना बनाई है। यह निवेश कंपनी की धातु-आधारित नैनो-फर्टिलाइजर तकनीक के लिए है, जिसे हाल ही में regulatory मंजूरी मिली है।
- 01बीप्लसएच सॉल्यूशंस जीएमबीएच ने भारत में 2026 में 10 लाख यूरो का निवेश करने का लक्ष्य रखा है।
- 02कंपनी की नैनो-फर्टिलाइजर तकनीक चांदी और तांबे के नैनोकणों पर आधारित है।
- 03कंपनी के आठ उत्पाद पहले से ही भारतीय बाजार में उपलब्ध हैं, जिनमें 'एग्रोबीज' शामिल है।
- 04निवेश का मुख्य कारण हाल ही में मिली 'नैनो पंजीकरण' की मंजूरी है।
- 05कंपनी का मानना है कि भारतीय किसानों के बीच इन नैनो-उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
Advertisement
In-Article Ad
जर्मनी की कृषि प्रौद्योगिकी कंपनी बीप्लसएच सॉल्यूशंस जीएमबीएच ने भारतीय कृषि बाजार में अपने विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी ने 2026 में भारत में 10 लाख यूरो (लगभग 11.09 करोड़ रुपये) का निवेश करने का लक्ष्य रखा है, जिसका मुख्य कारण हाल ही में मिली 'नैनो पंजीकरण' की मंजूरी है। डॉ. लॉरा वीलर, कंपनी की महाप्रबंधक और मुख्य विज्ञान अधिकारी, ने कहा कि यह निवेश भारत में उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) के तहत किया जाएगा। बीप्लसएच की नैनो-फर्टिलाइजर तकनीक पारंपरिक नाइट्रोजन-आधारित उर्वरकों से अलग है, क्योंकि यह चांदी और तांबे के नैनोकणों का उपयोग करती है। इस तकनीक के फायदे में पौधों की इम्यूनिटी को मजबूत करना और फसलों पर बीमारियों का दबाव कम करना शामिल है। कंपनी का मानना है कि भारतीय बाजार में इन उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, जिससे 2026 में मजबूत वृद्धि की उम्मीद है।
Advertisement
In-Article Ad
किसानों को उन्नत नैनो-फर्टिलाइजर उत्पादों के उपयोग से बेहतर फसल उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि की उम्मीद है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप नैनो-फर्टिलाइजर के उपयोग के बारे में जानते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





