भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम करने का संभावित उपाय: GST का दायरा
Petrol-Diesel Price: होर्मुज खुले ना खुले भारत में फिर भी ₹6.45 सस्ते हो सकते हैं पेट्रोल के दाम, अगर सरकार मान ले ये फॉर्मूला, तेल पर TAX का खेल देखिए

Image: Zee News
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हालिया वृद्धि के बीच, विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि सरकार इन ईंधनों को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाए, तो कीमतों में ₹6.45 की कमी हो सकती है।
- 01पेट्रोल की कीमत में पिछले 10 दिनों में 7 रुपये की वृद्धि हुई है।
- 02कच्चे तेल की बढ़ती लागत और युद्ध की स्थिति के कारण तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई हैं।
- 03पेट्रोल पर लगभग 42% टैक्स लगता है, जिसमें एक्साइज ड्यूटी और वैट शामिल हैं।
- 04चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन ने पीएम मोदी से पेट्रोल-डीजल को GST में शामिल करने की अपील की है।
- 05तेलंगाना में पेट्रोल पर 35.20% और आंध्र प्रदेश में 31% VAT वसूला जाता है।
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भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया वृद्धि के कारण, सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह इन ईंधनों को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसा किया गया, तो पेट्रोल की कीमत में ₹6.45 की कमी हो सकती है। वर्तमान में, पेट्रोल की वास्तविक कीमत 81.08 रुपये प्रति लीटर है, लेकिन विभिन्न टैक्सों के कारण यह 102.12 रुपये तक पहुंच जाती है। चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह किया है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में उच्च VAT के कारण पेट्रोल की कीमतें अधिक हैं। यदि GST लागू किया जाता है, तो न केवल कीमतें कम होंगी, बल्कि पूरे देश में कीमतें समान भी हो जाएंगी।
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यदि पेट्रोल-डीजल GST के दायरे में आते हैं, तो उपभोक्ताओं को कीमतों में राहत मिलेगी।
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