भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवादियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं
ऑपरेशन सिंदूर से समझ लें हमारी बात, कोई आतंकी पनाहगाह अब सुरक्षित नहीं, सीमा पार घुसकर मारना हमारी नई पहचान: सेना
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर स्पष्ट संदेश दिया है कि कोई भी आतंकवादी पनाहगाह सुरक्षित नहीं है। यह अभियान सीमा पार आतंकवाद को दंडित करने के लिए भारत का सबसे व्यापक सैन्य अभियान है।
- 01ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया।
- 02भारतीय सेना ने कम समय में एक जटिल अभियान की योजना बनाई और सफलतापूर्वक पूरा किया।
- 03लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने इसे भारत की संप्रभुता और सुरक्षा का प्रतीक बताया।
- 04इस अभियान ने वायु शक्ति की अहमियत को फिर से स्थापित किया।
- 05भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा, लेकिन संघर्ष विराम पर सहमति बनी।
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भारतीय सेना ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूरे होने पर कहा कि यह अभियान पाकिस्तान में आतंकवादियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं छोड़ता। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि यह ऑपरेशन केवल एक शुरुआत है और इसका उद्देश्य सीमा पार आतंकवाद को दंडित करना है। इस अभियान के तहत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में 7 मई को हवाई हमले किए गए। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। एयर मार्शल ए. के. भारती ने कहा कि ऑपरेशन ने वायु शक्ति की अहमियत को फिर से स्थापित किया। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा, लेकिन दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद 10 मई को संघर्ष विराम लागू हुआ।
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ऑपरेशन सिंदूर से भारत की सुरक्षा स्थिति मजबूत हुई है और यह संदेश दिया गया है कि आतंकवादियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।
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