भारत और वियतनाम ने रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए ब्रह्मोस मिसाइल पर चर्चा की
BrahMos Missile: भारत ने चीन की नाक के नीचे इस देश को खड़ा कर दिया, चल दी ब्रह्मोस वाली चाल
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत और वियतनाम ने हिंद प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की बिक्री और अन्य रक्षा उपकरणों के रखरखाव पर चर्चा शामिल है। दोनों देशों का वार्षिक व्यापार 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य है।
- 01भारत और वियतनाम ने रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए ब्रह्मोस मिसाइल पर चर्चा की।
- 02दोनों देशों के बीच वार्षिक व्यापार 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य है।
- 03भारत ने वियतनाम को सुखोई-30 फाइटर जेट्स और पनडुब्बियों के रखरखाव का प्रस्ताव दिया।
- 04भारत ने वियतनाम को लड़ाई की ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण में सहायता प्रदान करने का वादा किया।
- 05भारत और वियतनाम के बीच रक्षा साझेदारी 2030 के लिए संयुक्त विजन वक्तव्य पर सहमति बनी।
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भारत और वियतनाम ने हाल ही में हिंद प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की बिक्री पर चर्चा की गई है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को 25 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। भारत ने वियतनाम को सुखोई-30 फाइटर जेट्स और किलो श्रेणी की पनडुब्बियों के रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण (MRO) का प्रस्ताव भी दिया है। भारत, वियतनाम के सशस्त्र बलों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में सहायता कर रहा है, जिसमें संयुक्त सैन्य अभ्यास और जल सर्वेक्षण शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के साथ बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने की बात की।
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यह सहयोग वियतनाम की सैन्य क्षमता को बढ़ाएगा और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा।
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