सीएसजेएमयू की महिला प्रोफेसर बर्खास्त, अधिकारियों पर लगाए थे झूठे आरोप
सीएसजेएमयू : अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाने पर महिला प्रोफेसर बर्खास्त
Amar Ujala
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छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर की एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ. नजमी शब्बीर, को उच्च अधिकारियों पर निराधार आरोप लगाने के कारण बर्खास्त कर दिया गया। जांच में आरोप असत्य पाए गए और उनके शैक्षणिक दायित्वों के प्रति उदासीनता भी सामने आई।
- 01डॉ. नजमी शब्बीर को बर्खास्त किया गया है।
- 02उच्च अधिकारियों पर निराधार आरोप लगाने का मामला।
- 03जांच में आरोप असत्य पाए गए।
- 04शैक्षणिक दायित्वों के प्रति उदासीनता का मामला।
- 05कुलपति के निर्देश पर कार्रवाई की गई।
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छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर में स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ. नजमी शब्बीर, को उच्च अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाने के कारण बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में पाया गया कि उन्होंने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कई शिकायतें की थीं, लेकिन ये आरोप निराधार थे। आंतरिक शिकायत समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि डॉ. नजमी ने फरवरी 2026 की मिड सेमेस्टर परीक्षा के दौरान बिना सूचना अनुपस्थित रहकर शैक्षणिक दायित्वों की अनदेखी की। जब उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उन्होंने असम्मानजनक व्यवहार किया और अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाए। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर उनकी संविदात्मक नियुक्ति समाप्त कर दी गई है और उन्हें आवंटित आवास खाली करने का निर्देश भी दिया गया है।
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यह मामला विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर प्रभाव डाल सकता है।
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