CJI सूर्यकांत ने AI में पक्षपात और सामाजिक न्याय पर दिया महत्वपूर्ण संदेश
'AI भी कर रहा पक्षपात', CJI सूर्यकांत ने सामाजिक न्याय पर दिया बड़ा संदेश, और क्या-क्या कहा?
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में गरीबों के प्रति अंतर्निहित पक्षपात की ओर इशारा किया और सामाजिक न्याय को एक समतामूलक समाज की नींव बताया। उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून को भी समानता और गरिमा का पालन करना चाहिए।
- 01CJI सूर्यकांत ने AI में गरीबों के प्रति पक्षपात की बात की।
- 02सामाजिक न्याय को समतामूलक समाज की आधारशिला बताया।
- 03दिनकर की रचनाएं स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रेरणा का स्रोत थीं।
- 04कानून को भी समाज में समानता और गरिमा का पालन करना चाहिए।
- 05सामाजिक न्याय के आदर्श एक न्यायपूर्ण व्यवस्था की नींव हैं।
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नई दिल्ली में आयोजित आठवें दिनकर स्मृति व्याख्यानमाला में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि यह तकनीक गरीबों के प्रति अंतर्निहित पक्षपात दिखा रही है। उन्होंने सामाजिक न्याय को एक मानवीय और समतामूलक समाज की आधारशिला बताया और बताया कि यह विचार भारतीय संविधान में शामिल होने से पहले ही राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं में स्पष्ट था। जस्टिस सूर्यकांत ने दिनकर की महाकाव्य रचना 'रश्मिरथी' का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय, आत्मसम्मान और मानव गरिमा समाज के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के साथ सम्मान और गरिमा के साथ व्यवहार करना अनिवार्य है। इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह और लोकसभा सांसद मनोज तिवारी भी शामिल हुए।
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CJI सूर्यकांत के विचारों से समाज में समानता और गरिमा की दिशा में जागरूकता बढ़ सकती है।
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