अमेरिका-ईरान वार्ता से विश्व को राहत की उम्मीद
जागरण संपादकीय: राहत भरी खबर
Jagran
Image: Jagran
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते के संकेत मिल रहे हैं, जिससे पश्चिम एशिया और वैश्विक ऊर्जा संकट में राहत की उम्मीद बढ़ी है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान समाप्त करने की घोषणा की है, लेकिन स्थायी शांति के लिए ठोस प्रगति आवश्यक है।
- 01अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर विचार चल रहा है।
- 02अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को समाप्त किया है।
- 03समझौते की दिशा में प्रगति होने पर तेल के दामों में गिरावट आई है।
- 04ईरान को आतंकवादी समूहों का समर्थन बंद करना होगा।
- 05स्थायी शांति के लिए दोनों पक्षों को अपने-अपने हठ को छोड़ना होगा।
Advertisement
In-Article Ad
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के नए संकेत मिल रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर राहत की उम्मीदें बढ़ गई हैं। दोनों देश एक 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। अमेरिका ने अपने आपरेशन एपिक फ्यूरी को समाप्त करने के साथ-साथ आपरेशन फ्रीडम को भी रोकने की घोषणा की है। इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान के नेतृत्व ने अपने रवैये में नरमी लाई है। हालांकि, स्थायी शांति के लिए दोनों देशों के बीच वास्तविक समझौते की आवश्यकता है। यदि वार्ता में ठोस प्रगति नहीं होती, तो टकराव की संभावना बढ़ सकती है। ईरान को आतंकवादी संगठनों का समर्थन बंद करना होगा और अमेरिका को भी अपनी अपेक्षाएं कम करनी होंगी। इस संदर्भ में, वैश्विक समुदाय दोनों देशों के बीच स्थायी शांति की प्रतीक्षा कर रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है, तो इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आएगी और तेल की कीमतों में कमी हो सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता संभव है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


