भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी
भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मुस्लिम पक्ष ने MP हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती

Image: Ndtv
मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 15 मई 2026 के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें परिसर को वाग्देवी का मंदिर माना गया था। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए धारा 144 लागू की है और 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।
- 01मुस्लिम पक्ष के हस्तक्षेपकर्ता काजी मोइनुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
- 02हाईकोर्ट ने परिसर को वाग्देवी का मंदिर मानते हुए नमाज अदा करने पर रोक लगाई थी।
- 03धार जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए 1500 जवान तैनात किए हैं।
- 04धारा 144 लागू की गई है और फ्लैग मार्च निकाला गया है।
- 05हिंदू संगठन ने भोजशाला में महाआरती करने का ऐलान किया है।
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भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है, जहां मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 15 मई 2026 के फैसले को चुनौती दी है। इस फैसले में हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट के आधार पर परिसर को वाग्देवी का मंदिर मानते हुए नमाज अदा करने पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इस निर्णय के बाद, धार जिला प्रशासन ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धारा 144 लागू की है और 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया और समुदाय के लोगों को कोर्ट के आदेश की जानकारी दी। हिंदू संगठन ने शुक्रवार को भोजशाला में महाआरती करने का ऐलान किया है, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक बताया है। यह विवाद पिछले कई वर्षों से जारी है, जिसमें दोनों समुदायों के बीच तनाव बना हुआ है।
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इस विवाद का स्थानीय समुदाय पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है, जिससे धार्मिक तनाव और सुरक्षा स्थिति में वृद्धि हो सकती है।
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