नॉर्वे की पत्रकार के सवाल ने भारत में मचाई हलचल, पीएम मोदी का जवाब न देने पर विवाद
'इसकी मंशा भारत की छवि खराब करने की थी', नार्वे की पत्रकार को इंडिया से पंगा लेना पड़ा भारी, करा ली अपनी बेइज्जती!
Image: Nbt Navbharattimes
नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछा, जिससे विवाद खड़ा हो गया। उनके सवाल पर भारत में तीखी प्रतिक्रियाएं आईं, जिसमें कुछ ने इसे भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया। इस घटना ने भारतीय राजनीति और मीडिया की भूमिका पर व्यापक बहस को जन्म दिया है।
- 01हेले लिंग ने पीएम मोदी से सवाल पूछा कि भारत पर भरोसा क्यों किया जाना चाहिए, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ।
- 02विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने पत्रकार को भारत के मानवाधिकारों का उदाहरण देते हुए जवाब दिया।
- 03सोशल मीडिया पर यूजर्स ने लिंग के सवाल को भारत की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश बताया।
- 04प्रियंका चतुर्वेदी ने पत्रकार के बर्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वह विशेष एजेंडा लेकर आई थीं।
- 05राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर पीएम मोदी की आलोचना की और भारत की छवि पर सवाल उठाया।
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नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने ओस्लो में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऐसा सवाल पूछा, जिसने भारत में विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने पूछा कि भारत पर भरोसा क्यों किया जाना चाहिए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे भारत की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश बताया। विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने पत्रकार को भारत के मानवाधिकारों का उदाहरण देते हुए जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत में सरकार बदलने का अधिकार और वोट देने का अधिकार है। इस घटना ने भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है, जिसमें विपक्षी नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने पत्रकार के बर्ताव पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लिंग वहां रिपोर्टिंग करने नहीं, बल्कि झगड़ा करने आई थीं। राहुल गांधी ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री कुछ सवालों से घबराते हैं, तो इससे भारत की छवि पर नकारात्मक असर पड़ता है। इस विवाद ने भारत की वैश्विक छवि, मीडिया की भूमिका और राजनीतिक जवाबदेही पर एक बड़ी बहस को जन्म दिया है।
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इस विवाद ने भारतीय राजनीति में हलचल मचाई है और मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
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