भारत की 'रॉकेट वुमन' नंदिनी हरिनाथ की साड़ी का वैश्विक प्रदर्शन
भारत की 'रॉकेट वुमन' का वैश्विक सम्मान: अमेरिकी म्यूजियम में सजी मंगलयान मिशन वाली ऐतिहासिक साड़ी
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भारत की 'रॉकेट वुमन' नंदिनी हरिनाथ की मंगलयान मिशन वाली साड़ी अब अमेरिकी स्मिथसोनियन म्यूजियम में प्रदर्शित है। यह साड़ी भारत के पहले मंगल मिशन का प्रतीक है और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
- 01नंदिनी हरिनाथ ने मंगलयान मिशन के दौरान एक विशेष साड़ी पहनी थी जो अब स्मिथसोनियन म्यूजियम में प्रदर्शित है।
- 02भारत ने पहले प्रयास में मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचकर एक रिकॉर्ड बनाया।
- 03साड़ी का चयन सांस्कृतिक महत्व और नंदिनी की प्रेरणादायक कहानी के लिए किया गया।
- 04साड़ी पहनकर जश्न मनाते हुए वैज्ञानिकों की तस्वीर ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया।
- 05साड़ी भारत के सफल अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रतीक है।
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भारत की 'रॉकेट वुमन' नंदिनी हरिनाथ की मंगलयान मिशन वाली साड़ी अब वाशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में प्रदर्शित की गई है। नंदिनी ने यह साड़ी 1 दिसंबर 2013 को पहनी थी, जब मंगलयान ने पृथ्वी की कक्षा छोड़ी थी। इस दिन नंदिनी और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अन्य वैज्ञानिक नियंत्रण कक्ष में उपस्थित थे। स्मिथसोनियन के क्यूरेटर मैट शिंडेल ने नंदिनी से संपर्क कर इस साड़ी को संग्रहालय में प्रदर्शित करने का प्रस्ताव रखा। नंदिनी की साड़ी भारत के पहले मंगल मिशन का प्रतीक है और यह महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करती है। मंगलयान ने 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में प्रवेश किया, जिससे भारत पहले प्रयास में मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचने वाला पहला देश बना। इस साड़ी का चयन नंदिनी की प्रेरणादायक कहानी और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।
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यह प्रदर्शनी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और महिलाओं की भूमिका को वैश्विक स्तर पर उजागर करती है।
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