भौंरों की अद्भुत टाइमिंग क्षमता ने वैज्ञानिकों को किया हैरान
खसखस के दाने जितना छोटा दिमाग, लेकिन कारनामा इंसानों जैसा! भौंरों की इस खुफिया ताकत को देखकर वैज्ञानिकों के उड़े होश

Image: Zee News
लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने साबित किया है कि बफ-टेल्ड भौंरे, जिनका दिमाग एक खसखस के दाने के बराबर है, समय को मापने की अद्वितीय क्षमता रखते हैं। इनकी टाइमिंग स्किल्स ने यह दर्शाया है कि छोटे मस्तिष्क के साथ भी जटिल समस्याओं का समाधान संभव है।
- 01भौंरे समय के छोटे हिस्सों को समझने में सक्षम हैं, जो पहले केवल इंसानों और कुछ रीढ़ वाले जीवों तक सीमित माना जाता था।
- 02वैज्ञानिकों ने भौंरों को लाइट के समय के आधार पर मीठे और कड़वे खाद्य पदार्थों के लिए प्रशिक्षित किया।
- 03भौंरे ने लाइट की कुल चमक को नहीं, बल्कि उसके जलने और बुझने के समय को समझा।
- 04भौंरे के मस्तिष्क में लगभग 10 लाख न्यूरॉन्स होते हैं, जबकि इंसानी मस्तिष्क में 86 अरब न्यूरॉन्स होते हैं।
- 05यह खोज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंजीनियरिंग में नई दिशा दे सकती है।
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क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण अध्ययन किया है जिसमें बफ-टेल्ड भौंरे की टाइमिंग क्षमता को उजागर किया गया है। इस रिसर्च ने यह साबित किया है कि भौंरे, जिनका दिमाग एक खसखस के दाने के बराबर है, समय के छोटे हिस्सों को समझने में सक्षम हैं। वैज्ञानिकों ने भौंरों को एक टेस्टिंग चैंबर में रखा और उन्हें लाइट के जलने के समय के आधार पर मीठे और कड़वे खाद्य पदार्थों के लिए प्रशिक्षित किया। भौंरे ने लाइट की कुल चमक को न देखकर, केवल उसके जलने और बुझने के समय को समझा। यह अध्ययन यह दर्शाता है कि कैसे छोटे मस्तिष्क के साथ भी जटिल समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। यह खोज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंजीनियरिंग में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है, यह दिखाते हुए कि बिना बड़े डेटा और जटिल सिस्टम के भी कार्य किए जा सकते हैं।
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