देहरादून में सीएनजी की खपत में भारी वृद्धि, तेल संकट की आशंका
तेल संकट की आहट के बीच देहरादून में सीएनजी की ‘दौड़’, खपत में भारी उछाल
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देहरादून में सीएनजी की दैनिक खपत 50,000 किलो से अधिक हो गई है, जो कुछ महीने पहले 32,000 किलो थी। यह वृद्धि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और दिल्ली-दून नेशनल ग्रीन हाईवे के खुलने के कारण हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भविष्य के ईंधन संकट की ओर संकेत करता है।
- 01सीएनजी की खपत में 70 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जो पहले 5-10 प्रतिशत थी।
- 02वर्तमान में देहरादून में 16 सीएनजी स्टेशन संचालित हैं।
- 03पश्चिम एशिया में तनाव के कारण एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है।
- 04जिले में 165 पेट्रोल पंप और 70 गैस एजेंसियां संचालित हैं।
- 05पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) परियोजना अनुमतियों में उलझी हुई है, लेकिन 3400 घरों तक पहुंच चुकी है।
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देहरादून में सीएनजी की खपत में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो अब 50,000 किलो प्रतिदिन के पार पहुंच गई है। यह वृद्धि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण हो रही है, जो हाल ही में 3 रुपये प्रति लीटर महंगी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति भविष्य के ईंधन संकट का संकेत हो सकती है। इस साल, सीएनजी की खपत में 70 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जो पहले 5-10 प्रतिशत के बीच थी। यह वृद्धि दिल्ली-दून नेशनल ग्रीन हाईवे के उद्घाटन के बाद हुई है, जिससे बड़ी संख्या में सीएनजी वाहन दून पहुंच रहे हैं। वर्तमान में जिले में 16 सीएनजी स्टेशन हैं और मांग को देखते हुए नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। हालांकि, जिला पूर्ति विभाग का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इस बीच, पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) परियोजना अनुमतियों में फंसी हुई है, लेकिन 3400 घरों तक पहुंच चुकी है। स्थानीय निवासियों ने सार्वजनिक परिवहन और वैकल्पिक ऊर्जा आधारित वाहनों के उपयोग की सलाह दी है।
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The increase in CNG consumption offers a more economical alternative for vehicle owners amidst rising fuel prices.
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