भारत का 6000 किमी लंबा 'AI स्मार्ट बॉर्डर' प्रोजेक्ट, पाकिस्तान में चिंता का विषय
भारत के 6000 किमी लंबे 'AI स्मार्ट बॉर्डर' प्रोजेक्ट से खौफ में पाकिस्तानी एक्सपर्ट, कहा- दुनिया में कहीं नहीं हुआ ऐसा
Image: Nbt Navbharattimes
भारत का 'AI स्मार्ट बॉर्डर' प्रोजेक्ट, जो 6000 किमी लंबी सीमा की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए विकसित किया जा रहा है, पाकिस्तान में चिंता का कारण बन गया है। यह परियोजना अवैध घुसपैठ और आतंकवाद पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करेगी।
- 01भारत का स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट 6000 किमी लंबी सीमा की सुरक्षा को अपग्रेड करेगा।
- 02इसमें ड्रोन, रडार और थर्मल कैमरे जैसी एडवांस्ड तकनीक शामिल होंगी।
- 03नजम सेठी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में इजरायल से मदद मिलेगी।
- 04इसकी लागत लगभग 13,000 करोड़ रुपये (लगभग 1.3 अरब डॉलर) है।
- 05प्रोजेक्ट का लक्ष्य अवैध घुसपैठ, आतंकवाद और संगठित अपराध पर नियंत्रण पाना है।
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भारत का 'AI स्मार्ट बॉर्डर' प्रोजेक्ट, जो 6000 किमी लंबी सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विकसित किया जा रहा है, पाकिस्तान में चिंता का विषय बन गया है। इस प्रोजेक्ट में ड्रोन, रडार और थर्मल कैमरे जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे बांग्लादेश और पाकिस्तान के साथ भारत की सीमाओं की निगरानी को बेहतर बनाया जा सकेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस पहल की आधिकारिक घोषणा की थी। पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट दुनिया में कहीं नहीं हुआ है और इसमें इजरायल से सहायता मिलेगी। प्रोजेक्ट की लागत लगभग 13,000 करोड़ रुपये (लगभग 1.3 अरब डॉलर) है। इसका मुख्य उद्देश्य अवैध घुसपैठ, आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाना है। इस तकनीक के माध्यम से भारत की सीमाओं की रीयल टाइम निगरानी की जाएगी।
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इस प्रोजेक्ट के माध्यम से भारत की सीमाओं की सुरक्षा में सुधार होगा, जिससे अवैध गतिविधियों में कमी आएगी।
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