भारत के DRDO ने सफलतापूर्वक किया हाई-कैलिबर बम का परीक्षण, वायुसेना की ताकत में होगी वृद्धि
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भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने पंचकूला, हरियाणा में एक शक्तिशाली हाई-कैलिबर बम का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को बढ़ाएगा और चीन एवं पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच हवाई संप्रभुता को मजबूत करेगा।
- 01DRDO ने 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक उड़ने वाले बम का सफल परीक्षण किया।
- 02परीक्षण के दौरान आस-पास के गांवों में सुरक्षा कारणों से हाई अलर्ट जारी किया गया था।
- 03TBRL भारत के मिसाइल और परमाणु हथियारों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- 04यह बम भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के लिए एक महत्वपूर्ण युद्धक हथियार बनेगा।
- 05परीक्षण ने भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और विदेशी वेंडर पर निर्भरता को कम करने में मदद की।
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भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने रविवार को पंचकूला, हरियाणा में टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) में एक अत्याधुनिक हाई-कैलिबर बम का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे इसकी विनाशकारी क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर आस-पास के गांवों में हाई अलर्ट जारी किया था। इस बम की क्षमता 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ने की है और यह 2 किलोमीटर के दायरे में तबाही मचा सकता है। यह परीक्षण भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को और मजबूत करेगा, विशेषकर चीन और पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच। TBRL भारत के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र है और यह न केवल सैन्य बल्कि अर्धसैनिक बलों के लिए भी महत्वपूर्ण उपकरण विकसित करता है। इस परीक्षण से भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और यह देश की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
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इस परीक्षण से भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में वृद्धि होगी और यह देश की सुरक्षा को मजबूत करेगा।
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