खुद से दवा लेना लिवर के लिए खतरनाक, जानें कारण और सावधानियां
क्या आप भी बनते हैं खुदके डॉक्टर? जानें कैसे 1 गोली सड़ा सकती है लिवर
Aaj Tak
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह लिए दवा लेना लिवर फेलियर का बड़ा कारण बन सकता है। पेरासिटामोल और अन्य दर्द निवारक दवाओं का ओवरडोज लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। सावधानी बरतना और डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है।
- 01खुद से दवा लेना लिवर के लिए हानिकारक हो सकता है।
- 02पेरासिटामोल और अन्य दर्द निवारक दवाओं का ओवरडोज लिवर फेलियर का कारण बन सकता है।
- 03लोग अक्सर बिना पर्ची के दवाएं लेते हैं, जिससे लिवर पर बुरा असर पड़ता है।
- 04शराब के साथ पेनकिलर का सेवन लिवर को और नुकसान पहुंचा सकता है।
- 05डॉक्टर से परामर्श लेना और दवा के लेबल को ध्यान से पढ़ना आवश्यक है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खुद से दवा लेना, विशेषकर पेरासिटामोल और अन्य दर्द निवारक दवाओं का ओवरडोज, लिवर फेलियर का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। हैदराबाद के ग्लेनिगल्स हॉस्पिटल्स की लीड हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. काव्या हारिका देंदुकुरी के अनुसार, हर हफ्ते ऐसे मरीज उनके पास आते हैं जो एक्यूट हेपेटाइटिस या ड्रग-इंड्यूस्ड लिवर फेलियर का शिकार होते हैं। यह समस्या तब बढ़ती है जब लोग बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स या अन्य सप्लीमेंट्स का सेवन करते हैं। ब्रिटिश लिवर ट्रस्ट के अनुसार, पेरासिटामोल की ओवरडोज ब्रिटेन में लिवर फेलियर का सबसे बड़ा कारण है। भारत में भी लोग अक्सर एक साथ कई दवाएं लेते हैं जिनमें पेरासिटामोल छिपा होता है, जिससे लिवर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके अलावा, इबुप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी दवाएं भी लिवर और किडनी के लिए हानिकारक हो सकती हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि बिना डॉक्टर के परामर्श के दवा न लें और दवा के लेबल को ध्यान से पढ़ें।
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यह जानकारी लोगों को अपनी स्वास्थ्य आदतों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित कर सकती है, जिससे लिवर की स्वास्थ्य समस्याओं में कमी आ सकती है।
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