युवाओं में यूरिक एसिड की समस्या बढ़ने का कारण ब्वायलर चिकन
Maharajganj News: युवाओं को यूरिक एसिड का शिकार बना रहा ब्वायलर चिकन
Amar Ujala
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महराजगंज में युवाओं में यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसमें रोजाना 20 से 30 मरीज जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। इसका मुख्य कारण असंतुलित खानपान और ब्वायलर चिकन का अत्यधिक सेवन बताया जा रहा है। डॉक्टरों ने खान-पान में सुधार और नियमित व्यायाम की सलाह दी है।
- 01युवाओं में यूरिक एसिड की समस्या बढ़ रही है।
- 02जिला अस्पताल में रोजाना 20 से 30 मरीज पहुंच रहे हैं।
- 03ब्वायलर चिकन का अत्यधिक सेवन मुख्य कारण है।
- 04डॉक्टरों ने खान-पान और दिनचर्या में सुधार की सलाह दी है।
- 05समय पर इलाज न कराने पर समस्या गंभीर हो सकती है।
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महराजगंज में बदलते लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों के कारण युवाओं में यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर वैभव श्रीवास्तव के अनुसार, रोजाना 20 से 30 मरीज यूरिक एसिड से संबंधित शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। मुख्य कारण असंतुलित खानपान और विशेष रूप से ब्वायलर चिकन का अत्यधिक सेवन है। मुर्गी फार्मों में चूजों को तेजी से बड़ा करने के लिए दवाओं और सप्लीमेंट्स का उपयोग किया जाता है, जो मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यूरिक एसिड बढ़ने पर जोड़ों में दर्द, सूजन और चलने में कठिनाई जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। डॉक्टरों ने युवाओं को सलाह दी है कि वे अपने खान-पान में सुधार करें, चिकन और मटन का सेवन सीमित करें, और हरी सब्जियों, फलों एवं फाइबर युक्त आहार को प्राथमिकता दें। नियमित व्यायाम और योग को भी दिनचर्या में शामिल करना आवश्यक है।
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युवाओं में यूरिक एसिड की बढ़ती समस्या स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
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