तमिलनाडु में जातीय हिंसा: नकाबपोशों के हमले में 7 दलित घायल
तमिलनाडु में जातीय हिंसा, नकाबपोशों के हमले में 7 दलित घायल; जांच में जुटी पुलिस
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Image: Jagran
तमिलनाडु के तेनकासी और तिरुनेलवेली जिलों में नकाबपोश हमलावरों के हमले में सात दलित घायल हुए हैं। हमलावरों ने हंसियों से हमला किया और तुरंत भाग गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। पीएमके नेता ने सरकार की विफलता पर सवाल उठाए हैं।
- 01तेनकासी जिले के नेटूर गांव में हमलावरों ने हंसियों से हमला किया।
- 02तिरुनेलवेली जिले में भी एक व्यक्ति घायल हुआ।
- 03सात घायल व्यक्तियों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- 04पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए।
- 05पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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तमिलनाडु के तेनकासी और तिरुनेलवेली जिलों में जातीय हिंसा की एक घटना में नकाबपोश हमलावरों ने सात दलितों पर हमला किया। तेनकासी जिले के नेटूर गांव में, दोपहिया वाहनों पर सवार नौ नकाबपोश लोगों के एक समूह ने हंसियों से लोगों पर बेतहाशा हमला किया। इस हमले में सात लोग घायल हुए, जिन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। तिरुनेलवेली जिले में भी इसी तरह के एक हमले में एक व्यक्ति घायल हुआ। सभी हमलावर मौके से भाग गए। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच जारी है। पीएमके के नेता अंबुमणि रामदास ने इस हमले की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि तमिलनाडु की सरकार इस प्रकार की जातीय हिंसा को रोकने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि यह घटनाएँ चौंकाने वाली हैं और सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
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इस घटना ने स्थानीय समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा किया है।
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