मणिपुर के मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास और संवाद पर जोर दिया
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने समावेशी विकास पर दिया जोर, तनाव कम करने की अपील

Image: Globalherald
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने राज्य के समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल दिया, सभी 36 समुदायों के एक साथ आने की अपील की। उन्होंने छात्रवृत्ति में देरी के कारणों पर चिंता जताई और संवाद को समस्याओं के समाधान का एकमात्र तरीका बताया।
- 01मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर का विकास तभी संभव है जब सभी समुदाय मिलकर काम करें।
- 02छात्रवृत्ति में देरी का मुख्य कारण बैंक खातों और पहचान दस्तावेजों की लिंकिंग है।
- 03मुख्यमंत्री ने अशांति के दौरान छात्रों और मजदूरों पर पड़ने वाले प्रभाव पर चिंता जताई।
- 04राज्य की उपमुख्यमंत्री ने आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- 05छात्रों ने सीधे मुख्यमंत्री को अपनी समस्याएं बताईं और समाधान का आश्वासन मिला।
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मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने इंफाल में 'पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (ST) योजना' के लाभार्थियों के साथ संवाद करते हुए समावेशी विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी 36 समुदायों को मिलकर विकास की दिशा में काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति में देरी के कारणों पर चिंता जताते हुए बताया कि धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है, लेकिन तकनीकी कारणों से देरी हो रही है। उन्होंने अशांति के दौरान छात्रों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित किया और संवाद को समस्याओं का समाधान बताया। उपमुख्यमंत्री ने भी आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस संवाद सत्र में दूरदराज के छात्रों ने भी अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं, जिनका समाधान जल्द करने का आश्वासन दिया गया।
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मुख्यमंत्री की अपील से मणिपुर में सामाजिक स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिल सकता है।
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