सरायकेला में हाथी की मौत: वन और बिजली विभाग के बीच लापरवाही का विवाद
हाथी की मौत पर दो विभाग आमने-सामने: डीएफओ ने लगाया लापरवाही का आरोप, बिजली विभाग ने मांगी रिपोर्ट
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सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र में बिजली की चपेट में आने से एक नर हाथी की मौत हो गई। वन विभाग ने इसे बिजली विभाग की लापरवाही बताया है, जबकि बिजली विभाग ने जांच रिपोर्ट मांगी है। दोनों विभागों के बीच विवाद बढ़ गया है।
- 01एक नर हाथी की मौत बिजली की चपेट में आने से हुई।
- 02वन विभाग ने इसे बिजली विभाग की लापरवाही का नतीजा बताया।
- 03डीएफओ ने जांच टीम का गठन किया है।
- 04बिजली विभाग ने मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी।
- 05ग्रामीणों में बिजली के ढीले तारों को लेकर नाराजगी है।
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सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र में एक नर हाथी की मौत बिजली की चपेट में आने से हुई, जिसे वन विभाग ने बिजली विभाग की लापरवाही का परिणाम बताया है। डीएफओ सबा आलम अंसारी ने घटनास्थल का मुआयना किया और कहा कि टूटा हुआ बिजली का पोल और झूलते हुए हाई-वोल्टेज तार हाथी की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में करंट से मौत की पुष्टि हुई है और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, जमशेदपुर एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक अजीत कुमार ने भी मामले पर संज्ञान लिया है और जांच रिपोर्ट मांगी है। ग्रामीणों ने बिजली के ढीले तारों की शिकायत पहले भी की थी, लेकिन सुधार न होने के कारण हाथी की जान गई। वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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इस घटना से ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ी है और हाथियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
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