भारत ने 'बिग कैट' संरक्षण के लिए वैश्विक समिट का आयोजन किया
'बिग कैट' के संरक्षण के जरिए भारत ने वैश्विक स्तर पर शुरू की कंजर्वेशन डिप्लोमेसी, क्या है पूरा प्लान?
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भारत ने 'बिग कैट' प्रजातियों के संरक्षण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया है। यह समिट 1-2 जून को नई दिल्ली में होगा, जिसमें 95 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस पहल के तहत भारत वैश्विक स्तर पर कंजर्वेशन डिप्लोमेसी को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है।
- 01भारत ने इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस के माध्यम से वैश्विक संरक्षण प्रयास तेज किए हैं।
- 02समिट में 95 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जो बिग कैट संरक्षण से जुड़े हैं।
- 03केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस समिट की वेबसाइट और लोगो का शुभारंभ किया।
- 04भारत इस समिट के जरिए अपने संरक्षण प्रयासों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।
- 05दिल्ली घोषणा पत्र जारी किया जाएगा, जो बिग कैट संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण होगा।
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भारत ने 'बिग कैट' प्रजातियों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 1-2 जून 2023 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस समिट में 95 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस समिट के लिए वेबसाइट और लोगो का शुभारंभ किया है। इस सम्मेलन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करना और बिग कैट के संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देना है। भारत इस समिट के माध्यम से अपने संरक्षण प्रयासों को वैश्विक स्तर पर साझा करेगा और यह बताएगा कि कैसे बड़ी बिल्लियों के संरक्षण और विकास को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। सम्मेलन के दौरान एक दिल्ली घोषणा पत्र भी जारी किया जाएगा, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा। इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसका मुख्यालय भारत में है और यह शेर, बाघ, तेंदुआ, स्नो लेपर्ड, चीता, जगुआर और प्यूमा के संरक्षण पर जोर देता है।
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यह समिट भारत के संरक्षण प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने में मदद करेगा, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी और वन्यजीव संरक्षण में सुधार होगा।
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