उत्तर प्रदेश: इंस्पेक्टर अनिल कुमार हत्या मामले में दोषी को 10 साल की सजा
11 साल बाद इंस्पेक्टर अनिल कुमार मौत मामले में आया फैसला, दोषी जीशान खान को 10 साल की सजा
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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में इंस्पेक्टर अनिल कुमार की हत्या के मामले में आरोपी जीशान खान को लखनऊ की सीबीआई अदालत ने 10 साल की कठोर सजा सुनाई है। यह मामला 2015 में हुआ था और इसके बाद से न्याय की प्रक्रिया में कई उतार-चढ़ाव आए।
- 01जीशान खान को गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया गया।
- 02अदालत ने 10 साल की कठोर कारावास और 9,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
- 03यह मामला 19 नवंबर 2015 को इंस्पेक्टर अनिल कुमार की संदिग्ध मौत से जुड़ा है।
- 04सीबीआई ने 2018 में मामले की जांच शुरू की थी।
- 05दूसरे सह-आरोपी बोचा उर्फ राजू सोनी के खिलाफ सुनवाई अभी जारी है।
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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में 19 नवंबर 2015 को इंस्पेक्टर अनिल कुमार की संदिग्ध मौत के मामले में लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी जीशान खान को गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने जीशान पर 9,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया। यह मामला तब शुरू हुआ जब अनिल कुमार का शव होटल वैष्णवी में संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। शुरू में स्थानीय पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया, लेकिन बाद में परिजनों के दबाव के कारण मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने नए सिरे से जांच शुरू की और जीशान खान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। 4 अप्रैल 2026 को जीशान ने अदालत में अपने गुनाह को स्वीकार किया, जिसके बाद अदालत ने ट्रायल को मुख्य केस से अलग कर दिया। हालांकि, सह-आरोपी बोचा उर्फ राजू सोनी के खिलाफ सुनवाई अभी भी जारी है।
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इस फैसले से पुलिस महकमे में न्याय की उम्मीद बढ़ी है और यह संदेश गया है कि कानून सभी के लिए समान है।
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