जम्मू में ड्रग सप्लाई मामले में रिजवान की जमानत याचिका खारिज
Jammu News: प्रतिबंधित दवाओं के सप्लायर की भूमिका में था रिजवान, नहीं मिली जमानत
Amar Ujala
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जम्मू के सांबा में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने रिजवान अली, जो गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश का निवासी है, की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उसे प्रतिबंधित दवाओं के सप्लायर के रूप में आरोपी बनाया है, और जांच में उसके खिलाफ कई साक्ष्य मिले हैं।
- 01रिजवान अली की जमानत याचिका खारिज की गई।
- 02एनसीबी ने उसे प्रतिबंधित दवाओं के सप्लायर के रूप में नामित किया है।
- 03जांच में वित्तीय लेनदेन और कॉल डिटेल के साक्ष्य शामिल हैं।
- 04अदालत ने कहा कि जांच जारी है और जमानत देना उचित नहीं है।
- 05मामला एक बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।
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जम्मू के सांबा में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने रिजवान अली की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। रिजवान अली, जो गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश का निवासी है, पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने आरोप लगाया है कि वह प्रतिबंधित दवाओं का सप्लायर था। एनसीबी ने अदालत में वित्तीय लेनदेन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप संपर्क के साक्ष्य पेश किए हैं। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य एक बड़े ड्रग सिंडिकेट की ओर इशारा करते हैं और जांच जारी है। इस स्थिति में, जमानत देना उचित नहीं है।
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यह मामला स्थानीय ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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