लेह हिंसा की न्यायिक जांच अंतिम चरण में, 93 गवाहों के बयान दर्ज
जल्द लोगों के सामने होगा लेह हिंसा 2025 का सच, JIC संयुक्त सचिव बोले- 'अंतिम चरण में जांच, 93 गवाहों के बयान दर्ज'
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लेह में सितंबर 2025 में हुई हिंसा की जांच कर रहे न्यायिक जांच आयोग के संयुक्त सचिव रिग्जिन स्पाल्गोन ने बताया कि अब तक 93 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। आयोग का गठन गृह मंत्रालय ने पिछले साल किया था और यह जांच अब अंतिम चरण में है।
- 01लेह हिंसा की न्यायिक जांच का तीसरा सत्र चल रहा है।
- 02अब तक 93 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
- 03जांच आयोग का गठन गृह मंत्रालय ने 17 अक्टूबर 2022 को किया था।
- 04हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी और 80 अन्य घायल हुए थे।
- 05आयोग ने बयान दर्ज करने की समय सीमा कई बार बढ़ाई है।
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लेह में सितंबर 2025 में हुई हिंसा की जांच कर रहे न्यायिक जांच आयोग के संयुक्त सचिव रिग्जिन स्पाल्गोन ने बताया कि जांच के तीसरे सत्र तक कुल 93 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। आयोग का गठन गृह मंत्रालय ने 17 अक्टूबर 2022 को किया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी एस चौहान अध्यक्ष हैं। आयोग को 24 सितंबर 2025 को लेह में कानून-व्यवस्था संकट की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी और 80 अन्य घायल हुए थे। हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय में आग लगा दी थी और कई गाड़ियों को जला दिया था। आयोग ने गवाहों के बयान दर्ज करने और सबूत जमा करने की समय सीमा को कई बार बढ़ाया है।
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यह जांच स्थानीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके अधिकारों और सुरक्षा के मुद्दों को संबोधित करती है।
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