बिहार में AI और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं
बिहार में AI मिशन को बढ़ावा, 7 हजार युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग; वैशाली में बनेगा NIFTEM का कैंपस
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बिहार सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता में प्रगति के लिए सिंगापुर की ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के साथ साझेदारी की है। इसके तहत 7,000 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, वैशाली में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान का कैंपस बनाने की मंजूरी दी गई है, जिससे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
- 01बिहार में 7,000 युवाओं को AI में प्रशिक्षण मिलेगा।
- 02ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के साथ साझेदारी की गई।
- 03वैशाली में NIFTEM का कैंपस स्थापित किया जाएगा।
- 04बिहटा में नया डेरी प्लांट स्थापित होगा, जिससे 170 लोगों को रोजगार मिलेगा।
- 05पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पांच जिलों में नए पद सृजित होंगे।
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बिहार सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में प्रगति के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सिंगापुर की ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क (जीएफटीएन) के साथ साझेदारी के तहत, अगले पांच वर्षों में 7,000 युवाओं को AI में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, वैशाली जिले में 100 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) का कैंपस स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा मिलेगी। बिहटा में एक नया डेरी उत्पादन प्लांट स्थापित किया जाएगा, जो 97.17 करोड़ रुपये के निजी निवेश से संचालित होगा और इससे 170 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जिलों में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए पदों का सृजन किया जाएगा।
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इस पहल से युवाओं को नई तकनीकी शिक्षा मिलेगी, जिससे उनकी रोजगार संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही, स्थानीय उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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