ललितपुर जलापूर्ति योजना में 62 लाख की हेरफेर, जांच में निलंबन और कार्रवाई की तैयारी
जलापूर्ति योजना: 62 लाख की हेरफेर में एजेंसी ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी, अवर अभियंता को किया जा चुका निलंबित

Image: Amar Ujala
ललितपुर जलापूर्ति योजना में 62.65 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है। अवर अभियंता अश्वनी कुमार को निलंबित किया गया है और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
- 01ललितपुर नगर पालिका पुनर्गठन जलापूर्ति योजना के तहत 62.65 लाख रुपये की हेरफेर का मामला सामने आया है।
- 02निर्माण गुणवत्ता में कई तकनीकी खामियां पाई गईं, जैसे ओवरहेड टैंक की सतह फिनिशिंग और पेंटिंग कार्य मानक के अनुरूप नहीं था।
- 03अवर अभियंता अश्वनी कुमार को निलंबित किया गया है और अधिशासी अभियंता मुकेश पाल एवं सहायक अभियंता की जांच शुरू की गई है।
- 04जांच रिपोर्ट में आगरा में पंजीकृत ओपी गुप्ता कांसट्रक्शन पर अतिरिक्त भुगतान का आरोप लगाया गया है।
- 05जांच प्रयागराज के अधीक्षण अभियंता को सौंपी गई है, और संदिग्ध निर्माण एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।
Advertisement
In-Article Ad
ललितपुर जलापूर्ति योजना में 62.65 लाख रुपये की हेरफेर की जांच शुरू की गई है। यह योजना अमृत 2.0 कार्यक्रम के तहत संचालित है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में अधीक्षण अभियंता एसके यादव ने कई तकनीकी खामियों का उल्लेख किया है, जैसे 2700 केएल क्षमता के ओवरहेड टैंक (ओएचटी) की सतह फिनिशिंग और पेंटिंग कार्य मानक के अनुरूप नहीं थे। इसके अलावा, खुदाई और बैक फिलिंग के गलत रिकॉर्ड के कारण अतिरिक्त भुगतान का मामला सामने आया है। इस मामले में अवर अभियंता अश्वनी कुमार को निलंबित किया गया है। अधिशासी अभियंता मुकेश पाल और सहायक अभियंता की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच का कार्य प्रयागराज के अधीक्षण अभियंता को सौंपा गया है। जल निगम के सूत्रों के अनुसार, निर्माण एजेंसी ओपी गुप्ता कांसट्रक्शन की भूमिका भी संदिग्ध है, जिसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
Advertisement
In-Article Ad
जलापूर्ति योजना में वित्तीय अनियमितताओं के कारण स्थानीय निवासियों को जल आपूर्ति सेवाओं में बाधा आ सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि जलापूर्ति योजनाओं में वित्तीय पारदर्शिता जरूरी है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



