भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF और BGB के बीच विवाद, अवैध नागरिकों की वापसी
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बड़ा ड्रामा, भारतीय BSF ने BGB के कड़े विरोध के बाद वापस लिए बांग्लादेशी नागरिक
Image: Nbt Navbharattimes
भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF ने 10 से 12 कथित बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से सीमा पार भेजा, लेकिन BGB के विरोध के बाद उन्हें वापस लेना पड़ा। यह घटना 1 जून को पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना में हुई। BSF और BGB के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।
- 01BSF ने 1 जून को कथित बांग्लादेशी नागरिकों को 'नो-मैन्स लैंड' में भेजा।
- 02BGB ने BSF को स्पष्ट किया कि बिना उचित प्रक्रिया के नागरिकों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- 03BGB ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है और ड्रोन का उपयोग किया।
- 04BSF और BGB के बीच फ्लैग मीटिंग के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।
- 05पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार के तहत अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने की मुहिम चल रही है।
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक विवाद खड़ा हो गया जब भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने 10 से 12 कथित बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से सीमा पार भेजा। यह घटना 1 जून को पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के पेट्रापोल में हुई। BSF ने इन नागरिकों को 'नो-मैन्स लैंड' में धकेल दिया, जिसके बाद बांग्लादेशी सीमा गार्ड (BGB) ने कड़े विरोध के बाद उन्हें वापस लेने के लिए BSF से संपर्क किया। BGB ने BSF को बताया कि बिना उचित प्रक्रिया के वे इन नागरिकों को स्वीकार नहीं करेंगे। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर कई बार बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। BGB ने सीमा की सुरक्षा बढ़ा दी है और ड्रोन का उपयोग कर इन नागरिकों की तलाश की, लेकिन वे गायब मिले। यह घटना भारत में बांग्लादेश के अवैध नागरिकों को वापस भेजने की मुहिम के बीच हुई है।
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यह घटना भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा और अवैध प्रवासियों की समस्या को उजागर करती है।
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