दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस वसूली पर नई रोक, मान्यता रद करने की चेतावनी
दिल्ली के निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक, तीन महीने की फीस एक साथ मांगी तो रद हो सकती है मान्यता
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दिल्ली में शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों को एक बार में एक महीने से अधिक फीस वसूलने से रोका है। उल्लंघन करने पर स्कूलों की मान्यता रद की जा सकती है। यह निर्णय मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए लिया गया है।
- 01निजी स्कूल अब एक बार में एक महीने से अधिक फीस नहीं मांग सकते।
- 02आदेश का उल्लंघन करने पर स्कूलों की मान्यता रद की जा सकती है।
- 03अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
- 04स्कूलों को आदेश को नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
- 052019 में भी इसी तरह की फीस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए थे।
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दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस वसूली को लेकर शिक्षा निदेशालय ने सख्त आदेश जारी किया है। अब कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को एक बार में एक महीने से अधिक की फीस जमा कराने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। निदेशालय ने चेतावनी दी है कि यदि कोई स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसकी मान्यता रद की जा सकती है। यह निर्णय विशेष रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के लिए लिया गया है। निदेशालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्कूल अभिभावकों को दो महीने या तिमाही आधार पर फीस जमा करने के लिए मजबूर कर रहे थे। नए आदेश के तहत, स्कूल एडमिशन या अन्य सुविधाओं के लिए भी अभिभावकों को एडवांस फीस देने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। यदि कोई अभिभावक अपनी सुविधा से एक से अधिक महीनों की फीस एक साथ जमा करना चाहता है, तो स्कूल उसे मना नहीं कर सकते, लेकिन इसके लिए कोई दबाव या शर्त नहीं रखी जा सकती। सभी स्कूलों को इस आदेश को अपने नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने और अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
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इस आदेश से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा, जिससे वे आसानी से फीस का भुगतान कर सकेंगे।
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