झुंझुनूं में 60 मिनट के लिए बने शिक्षा अधिकारी, मनोज ढाका की अनोखी कहानी
Real Life Hero: झुंझुनूं में 60 मिनट के लिए मनोज बने शिक्षा अधिकारी, कुर्सी संभाली; माला पहनी और हो गए रिटायर
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
झुंझुनूं, राजस्थान में मनोज ढाका ने महज 60 मिनट के लिए प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी का पद संभाला, जिसके बाद वे रिटायर हो गए। यह घटना लोगों को फिल्म 'नायक' की याद दिला रही है, लेकिन वास्तविकता में ढाका का समय केवल औपचारिकताओं में बीता।
- 01मनोज ढाका ने 60 मिनट के लिए शिक्षा अधिकारी का पद संभाला।
- 02यह घटना फिल्म 'नायक' से मिलती-जुलती है।
- 03ढाका का समय केवल औपचारिकताओं में बीता, कोई महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया।
- 04उनका निलंबन 2025 में हुआ था, जिसे बाद में रद्द किया गया।
- 05इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
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झुंझुनूं, राजस्थान में एक अनोखी घटना घटी जब मनोज ढाका ने केवल 60 मिनट के लिए प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) का पद संभाला। यह घटना लोगों को फिल्म 'नायक' की याद दिला रही है, जिसमें अनिल कपूर ने एक दिन के सीएम का किरदार निभाया था। ढाका ने 30 मई 2025 को शाम 5 बजे पदभार संभाला और एक घंटे बाद ही रिटायर हो गए। इस एक घंटे में उन्होंने केवल जॉइनिंग की औपचारिकता पूरी की और फोटो सेशन किया। उनका निलंबन पहले 20 मई 2025 को हुआ था, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें फिर से पदभार सौंपा गया। हालांकि, इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि यदि कोर्ट ने पहले ही राहत दी थी, तो जॉइनिंग आदेश में देरी क्यों हुई।
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इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ सकता है।
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